आल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन में बिखराव
कई पदाधिकारी अन्य विपक्षी पार्टियों में ढूंढ रहे हैं अपना ठिकाना।
कई पदाधिकारी अन्य विपक्षी पार्टियों में ढूंढ रहे हैं अपना ठिकाना।
sm news 24 times
बाराबंकी। सदर विधान सभा में टिकट के लिए कई पार्टियों में घमासान मचा हुआ है तो उसमें सबसे ज्यादा घमासान ए0आई0एम0आई0एम0 में नजर आ रहा है। कल पार्टी में शामिल होकर आज ही टिकट के दावेदार नजर आ रहे हैं, वहीं पुराने जमीनी नेताओं को नजर अंदाज किया जा रहा है। अन्दर ही अन्दर पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच गई है कई नेता तो सपा, बसपा यहां तक कांग्रेस में जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। वही सदर विधान सभा से पतंग उड़ने से पहले ही कटती हुई नजर आ रही है।
मालूम हो कि कुछ लोग ए0आई0एम0आई0एम0 को बी पार्टी कह रहे हैं लेकिन यहां तो बी से लेकर डी तक की पार्टियों में पदाधिकारी जाने की फिराक में नजर आ रहे हैं, कई पदाधिकारी उचित अवसर की तलाश में अभी खामोशी धारण किए हुए हैं तो कई कांग्रेस, बसपा व सपा में जाने की फिराक में नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। बहुत जल्द ही ए0आई0एम0आई0एम0 के कई जिम्मेदार नेता अन्य दलों का झण्डा उठाते हुए नजर आ जायेंगे। बहुत दिनों से चल रहे घमासान में अब धीरे-धीरे विरोध के स्वर सोशल मीडिया पर आने शुरू हो गये हैं। अगर जल्द ही आलाकमान दखलदांजी नहीं करेगा तो पूरी पार्टी बिखर कर अन्य दलों में चली जायेगी। टिकट बंटवारे को लेकर चल रहे खींचतान को अगर नहीं रोका गया तो ए0आई0एम0आई0एम0 का पार्टी का अस्तित्व बाराबंकी से गायब हो जायेगा। वहीं सोशल मीडिया एक पदाधिकारी तैकीर ने लिखा कि ‘‘बाराबंकी के जिला प्रमुख महासचिव ने दिखाया अपना असली रंग समाजवादी की गोद में बैठकर ए0आई0एम0आई0एम0 को कर रहे थे खोखला पर उनकी हकीकत सबके सामने आ गई, ऐसे सांप बहुत खतरनाक होते हैं।’’
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ए0आई0एम0आई0एम0 के कई पदाधिकारी अन्य दलों की परिक्रमा कर रहे हैं और ए0आई0एम0आई0एम0 की ताकत का अहसास कराकर अपने आपको मुस्लिमों का मसीहा बताकर उचित स्थान पाना चाहते हैं। कई नेता तो पर्दे के पीछे से सभी विपक्षी पार्टियों के साथ हैं लेकिन मुस्लिमों को दिखाने के लिए पार्टी में बने हुए हैं, अन्दर ही अन्दर पार्टी की जड़ों में मट्ठा डाल रहे हैं। वहीं इस घमासान में सबसे ज्यादा फायदा सपा व बसपा को होने वाला है। कुछ दिन पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष असद्दुदीन ओवैसी ने बाराबंकी में शेषित वंचित समाज सम्मेलन किया था जिसके बाद से अन्य पार्टियों के नेता ए0आई0एम0आई0एम0 में शामिल होकर अपने आपको मुस्लिमों का मसीहा बता रहे थे और फिर उसी के बाद शुरू हुआ पार्टी में घमासान जो आज भी जारी है। पुराने पदाधिकारियों को नजरअंदाज करना पड़ रहा है भारी।
इस सम्बंध में जब कार्यवाहक जिलाध्यक्ष कुंवर जामी से बात की गई तो उन्होने बताया कि सदर विधान सभा से टिकट के लिए केवल मैंने ही आवेदन किया है अन्य किसी का आवेदन अभी तक आया नही है इसलिए मैं ही इकलौता बाराबकी सदर से दावेदार हूँ। वही इस सम्बंध में फैसल मलिक प्रमुख महासचिव से इस सम्बंध में जब बात करने के लिए फोन किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।
……………..अब्दुल मुईद के साथ सुहैल अहमद की रिपोर्ट

