204 से बढ़कर 280 रुपये हो सकती है यूपी में मनरेगा की मजदूरी, केन्द्र को भेजा गया प्रस्ताव
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ 9889789714
मनरेगा के तहत मानव दिवस सृजित करने और गांवों के विकास का रिकार्ड बनाने के बावजूद प्रदेश के पश्चिमी हिस्से के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में मनरेगा का योगदान नहीं के बराबर है। मजदूरी कम होने से इस जिलों में मनरेगा में मजदूर मिल ही नहीं रहे हैं। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर मांग की है कि हरियाणा और पंजाब की तरह विकसित पश्चिमी यूपी के जिलों में मनरेगा मजदूरी की दरें बढ़ाई जाएं।केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूर किया तो पश्चिमी यूपी में मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को 280 रुपये की दर से पारिश्रमिक मिलने लगेगा। अभी पश्चिमी यूपी में उत्तर प्रदेश के लिए केंद्र सरकार से तय 204 रुपये पारिश्रमिक ही दी जाती है। ग्राम्य विकास विभाग के मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह “मोती सिंह” और अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार से राज्य में खासकर पश्चिमी यूपी में मनरेगा के तहत मजदूरी बढ़ाने की मांग की गई है। इस मुद्दे पर ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारियों से बातचीत भी की जा रही है।

