अंजाम ए मुहब्बत का मंजर इतना खौफनाक होगा ,,ख्वाब ओ ख्याल मे न सोचा होगा ।

एसएम न्यूज़24टाइम्स के जिला ब्यूरो के साथ मसौली संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा की रिपोर्ट मोबाइल नंबर 8707331705

मसौली बाराबंकी । अंजाम ए मुहब्बत का मंजर इतना खौफनाक होगा , यह उस बोरे मे बंद कंकाल बनी युवती ने ख्वाब ओ ख्याल मे न सोचा होगा । चार साल के प्रेम प्रसंग के बाद हुआ निकाह एक साल की मियाद भी पूरी न कर सका और जिसने उससे जिन्दगी भर साथ निभाने की कसमें खायी थी वही उस युवती का कातिल बन बैठा


यह दर्द भरी दास्तान है उस बीस वर्षीय युवती शाहीन की है जिसका बोरे मे बंधा कंकाल गत 5 मार्च को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे थाना सफदर गंज अन्तर्गत ग्राम रसौली मे निखिल रावत के अर्धनिर्मित मकान मे मिला था । उसके पास से मिले आधार कार्ड से युवती की पहचान हुई तो क्षेत्र मे हडकंप मे गया । थाना सफदर गंज अन्तर्गत ग्राम रसौली निवासी नसीम खान पुत्र मोहम्मद रफीक ने ‘ मसौली थानान्तर्गत ग्राम शहाबपुर निवासी अफरोज अंसारी की 20 वर्षीय पुत्री शाहीन के साथ अपना निकाह गत वर्ष 25 फरवरी को “जय श्री वेल्फेयर सोसाइटी लक्ष्मण पुरी कालोनी जिला बाराबंकी मे कराया था । नसीम खान पहले से विवाहित और चार बच्चों का पिता है यह बात शाहीन अच्छी तरह से जानती थी लेकिन नसीम के जाल मे ऐसा फसीं थी कि उसने अपने परिवार से विद्रोह करके नसीम का दामन थाम लिया था । शाहीन के परिवार जनो ने इस निकाह को रोकने के लिए काफी कोशिश की लेकिन नसीम के सरपरस्तों के आगे कामयाब नही हुए ।


नोटरी हलफनामा दिनांक 24-2-2021 मे शाहीन ने लिखा है कि उसके और नसीम खान के बीच पिछले चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा है वह 7 माह की प्रेगनेंट है । वह नसीम के साथ कोर्ट मैरिज कर रही है । उसे साथ मे रखने के लिए नसीम 15 दिन मे किराए पर कमरा ले ले अन्यथा 16,वें दिन वो नसीम के उसी घर मे जाकर रहेगी जहां उसकी पहली बीबी, बच्चे और माता पिता रहते हैं ।इसी नोटरी मे नसीम खान ने कहा है कि शाहीन के गर्भ मे पल रहा बच्चा उसका है तथा उसके पालन पोषण की पूरी जिम्मेदारी उसकी है तथा 16 दिन बाद वह शाहीन को अपने साथ रखेगा ।  नसीम खान के सरपरस्तों ने रसौली ग्राम के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बने गोपी रावत के मकान मे किराए पर कमरा दिला दिया जिसमे शाहीन रहने लगी । इस बीच शाहीन ने एक पुत्री को जन्म दिया लेकिन वह जीवित नही बची । विश्वसत सूत्र बताते हैं कि नसीम उस कमरे पर जाकर आये दिन शाहीन को मारता पीटता था तथा उसके खाने पीने का प्रबंध भी नही करता था । परेशान होकर वह करीब चार- पांच महीना पहले थाना सफदर गंज और महिला थाना बाराबंकी अपनी फरियाद लेकर गयी थी लेकिन नसीम खान के सरपरस्त असरदार लोगों ने मामला रफा-दफा करा दिया । सूत्र बताते हैं नसीम ने अपने बचाव के लिए अपनी बीबी शाहीन की गुमशुदगी का थाने पर प्रार्थना पत्र भी दिया था लेकिन बोरे मे बरामद कंकाल के साथ मिले आधार ने इस जघन्य हत्याकांड को उजागर कर दिया ।

मसौली बाराबंकी । जिले मे विवाह और निकाह कराने वाली फर्जी संस्थाऐ धड़ल्ले से जरूरत मंदो की जेब ढीली करती हैं। इस प्रकरण मे भी नसीम और शाहीन की नोटरी हलफनामा मे कोर्ट मैरिज कराने की बात कही गयी है । जयश्री वेल्फेयर सोसाइटी द्वारा दिया गया निकाह प्रमाण पत्र सन्देह के घेरे मे है । इसमे संस्था का पता , अध्यक्ष और महामंत्री का नाम और लक्ष्मण पुरी कालोनी मे कार्यालय का पता , दूर भाष नम्बर सब नदारत हैं ।

एसएम न्यूज़24टाइम्स के जिला ब्यूरो के साथ मसौली संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा की रिपोर्ट मोबाइल नंबर 8707331705

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