गंगा नदी मे माफियाओं द्धारा किए गए रेता खनन के चलते नदी मे डूबकर हो रही है। मौंते। प्रशासन मौंन

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

शासन की सख्ती के बाबजूद भी नही लग पा रही है गंगा नदी पर खनन करने बाले माफियाओं पर लगाम।

बदायूँ। उझानी खनन माफियाओं ने कछला स्थित मां गंगा की कोख से अंधाधुंध रेत निकाल कर जगह जगह गहरे गड्डे के रूप में जख्म देकर छोड़ दिया है। जिसके परिणाम स्वरूप नदी के पानी में बने गहरे गड्डे स्नान करने आए श्रद्धालुओं के लिए काल बनकर निगल रहे हैं। गंगा घाट पर जिला और नगर पंचायत प्रशासन की बदइंतजामी के चलते आखिर कब तक श्रद्धालु गंगा में डूबकर अपनी जान देते रहेंगे। प्रशासनिक स्तर पर गंगा नदी में गहरे पानी से पूर्व ऐसा कोई निशान नहीं लगाया गया है। जिससे श्रद्धालु गहरे पानी तक न पहुंच सके। प्रशासनिक लाहपरवाही के कारण ही श्रद्धालु अकाल मौत का शिकार बन रहे हैं।।

उझानी क्षेत्र के कछला स्थित गंगा तट पर प्रति दिन आस्था के साथ बरेली और आगरा मंडल के तथा दूर दराज राज्यों से श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचते हैं। गंगा स्नान करते वक्त श्रद्धालुओं को गंगा के अंदर बने गड्ढों की जानकारी नहीं होती है। और वह स्नान करते वक्त जैसे ही जल में आगे बढ़ते हैं। वैसे ही वह गंगाअके पानी में समा जाते हैं। बताते हैं। कि परिजन और घाट पर मौजूद श्रद्धालु चीख चिल्लाते रहते हैं। मगर उस वक्त कोई मौके पर नहीं आता है। घाट पर मौजूद गोताखोर भी डूबने वाले श्रद्धालु के परिजनों से आर्थिक सौदेबाजी में लगे रहते है। तब तक काफी देर हो जाती है। और फिर से श्रद्धालु की लाश गंगा से बहार निकलती है। गंगा में स्नान की अभिलाषा लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में आए दिन कोई न कोई श्रद्धालु विशेषकर युवक गंगा में डूबकर अकाल मौत का शिकार बन रहा है। ऐसा नहीं है कि गंगा में डूबकर हो रही मौतों से जिला प्रशासन के साथ नगर पंचायत प्रशासन अंजान है। मगर आज तक गंगा नदी में खतरे का निशान नहीं लगाया गया है। जिससे गंगा स्नान का आने वाले श्रद्धालु खतरे के निशान से पीछे रहकर ही स्नान कर सके। गंगा स्नान को आने वाले श्रद्धालुओं को उन्हें गंगा की गहराई और गंगा के पानी के अंदर बने गड्डों की जानकारी नही होती है। जिससे वह हादसे दर हादसे का शिकार बन रहे हैं। गंगा नदी मंधे लगातार हो रहे हादसों से नगर पंचायत प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है। न ही हादसे रोकने के लिए कोई प्रयास किया है। जिससे गंगा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं में भारी रोष व्याप्त है। गंगा तट के आसपास रहने वाले जानकारों का कहना है। कि पिछली सरकारों के समय में गंगा मईया की कोख से अंधाधुंध रेत निकाल कर गंगा नदी को गड्डे रूपी जख्म दे दिए गए थे। जो अब पानी से भर चुके हैं। और श्रद्धालुओं को मौत का शिकार बना रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है। कि जब भी जिला एवं नगर पंचायत प्रशासन न चेता तो कोई बड़ा हादसा सामने आ सकता है। राजस्थानी श्रद्धालुओं की सबसे अधिक गई हैं। जानें उझानी गंगा में सबसे अधिक आस्था रखने वाले राजस्थान प्रदेश के श्रद्धालु गंगा तट पर इसलिए पहुंचते है। कि उनका तीर्थ पूरा हो जाएगा लेकिन पिछले कुछ समय से देखा गया है। कि गंगा में डूबकर मरने वालों में राजस्थानी श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रही है। गंगा में लगातार हो रहे हादसों के बाद भी कछला स्थित गंगा तट पर न तो कोई घाट बनाया गया है। और न ही कोई ऐसा निशान बनाया गया है। ताकि श्रद्धालु सुरक्षित गंगा स्नान कर सके।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

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