8 दिवसीय सालाना मेले में शनिवार को शान-शौक़त एव अक़ीदत के साथ कुल शरीफ सम्पन्न

शान्ती देवी अवधेश वर्मा विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी एसएम न्यूज़ 24 टाइम्स 8707331705

मसौली बाराबंकी। गंगा-जमुनी एकता के प्रतीक सुप्रसिद्ध सूफी -सन्त सैय्यद अब्दुर्रज्जाक शाह बांसा शरीफ की मजार शरीफ पर ईद के दिन से चल रहे 8 दिवसीय सालाना मेले में शनिवार को शान-शौक़त एव अक़ीदत के साथ कुल शरीफ सम्पन्न हुआ जिसमें फिरंगी महल के ओलेमा इकराम सहित पूरे देश से आये हजारो जायरीनों ने भाग लिया औऱ दुआए मांगी।


उल्लेखनीय हो कि सरकार-ए-बांसा शरीफ सैय्यद अब्दुर्रज्जाक शाह का कुल शरीफ परम्परागत रीतिरिवाज के अनुसार 5 शव्वाल को सज्जादा नशीन सैय्यद मुहम्मद उमर जिलानी के आवास पर बाद नमाज अस्र के सैय्यद साहब की टोपी,तसव्वी, कस कौल की जियारत दूर दराज से आये जायरीनों को करायी गयी था बाद नमाज मग़रिब के खानकाह रज्जाकिया में कारी अब्दुल रहीम की तिलावते कुरान शरीफ के साथ कुल शरीफ शुरू हुआ ।जिसमें लखनऊ स्थित फ़िरंगी महल से आये ओलेमा इकराम के साथ तमाम लोगों ने भाग लिया ।कुल शरीफ के बाद शीरनी का वितरण किया गया तथा सज्जादा नशीन के आवास पर लंगर का आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोगों ने लंगर में खाना खाया।
आस्ताने पर दो वर्ष बाद लौटी रौनक

लॉक डाउन के कारण बीते दो वर्षों से सालाना उर्स मात्र साकेतिक रूप से मनाया जाता था कोरोना की दहशत कम होने के बाद इस वर्ष मेला पूरे शबाब पर रहा और आस्ताने पर जायरीनों की भारी भीड़ रही जायरीनों के चलते आस्ताने की दो वर्ष बाद रौनक लौटी और लोगो ने माथा टेक कर दुवाए मांगी।

भीषण गर्मी के चलते खुले आसमान में रहे है जायरीन

देवा-महादेवा के बाद जिले के बड़े मेलो में शुमार बांसा शरीफ के मेले देश के कोने कोने से हजारों की संख्या में जायरीन आते है जिसमे भूत प्रेत बाधा से त्रस्त, निः सन्तान दम्पति, मानसिक रोग से पीड़ित लोगों की संख्या ज्यादा होती है जो मजार शरीफ कई कई दिनों तक रहते है ।मेला परिसर में रेन बसेरा न होने के कारण हर मौसम में जायरीन खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर रहते है ।मेला परिसर में शौचालय न होने के कारण मेले में आनेवाली महिला जायरीनों को बागों एव झाड़ झखाड़ में जाना पड़ता जिन्हें मनचलो से बचना पड़ता है।

सर्कस, जादूगर झूला बने है आकर्षण का केंद्र

मेले में विगत कई वर्षों से लगने वाला जादूगर हमेशा आकर्षण का केंद्र रहता है सर्कस में करतब देखने के लिये सुबह से लेकर देर रात तक दर्शको की भीड़ लगी रहती है ,झूलो एव सर्कस जहा बच्चो की पहली पसंद तो महिलाओं की भीड़ विसात खानों पर लगी रहती है ।

शान्ती देवी  अवधेश वर्मा विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी एसएम न्यूज़ 24 टाइम्स 8707331705

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