हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर विचार गोष्ठी का आयोजन

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

बाराबंकी। हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर के जिला पंचायत सभागार में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के वरिष्ठ पत्रकारों समेत कई प्रबुद्धजन सम्मिलित हुए। विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि पधारे जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष नरेन्द्र वर्मा ने कहा कि, ‘पत्रकारों की सशक्त कार्यशैली और उनकी कर्मठता के कारण ही ब्यूरोक्रेसी पर लगाम लगी रहती है। अधिवक्ताओं के सहयोग में पत्रकार हमेशा खड़े रहते हैं।’ जिला बार एसोसिएशन के महामंत्री रितेश मिश्रा ने कहा कि, ‘पत्रकारों ने सदा जनहित के मुद्दों पर उनका साथ दिया है, जिसका वे आजीवन ऋणी रहेंगे।’ वरिष्ठ अधिवक्ता सुनीत अवस्थी ने विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहा कि, ‘पत्रकारों ने आदि से लेकर आज तक संघर्ष किया है। उनका साहस की उनकी पूंजी है।’ जिले के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. विवेक सिंह वर्मा ने कहा कि, ‘यदि कोई भी पत्रकार अथवा अधिवक्ता यदि मेरे नेत्र चिकित्सालय में अपने पर्चे पर अपना परिचय दे देगा, तो उसे नेत्र के उपचार में विशेष छूट मिलना तय है। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलन से हुआ। वरिष्ठ पत्रकार महंत बी.पी. दास, सुरेन्द्र प्रताप सिंह ‘कौशिक’, सतीश श्रीवास्तव, दिनेश चन्द्र श्रीवास्तव, संतोष शुक्ला सहित कई पत्रकार मौजूद थे।

विचार गोष्ठी में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार आलोक शुक्ला ‘जोरदार’ ने पत्रकारों की विसंगतियों से लोगों को रूबरू कराया। उन्होनें कहा कि, वर्तमान समय में पत्रकारों ने अध्ययन की बजाय अपना रुख धनोपार्जन की ओर कर लिया है। जोकि, इसकी गिरावट का मूल कारण है। वरिष्ठ पत्रकार दीपक मिश्र ने कहा कि, ‘नवागत पत्रकारों को सदैव इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वे अपने सीनियर पत्रकारों का सदैव सम्मान करें।’ वरिष्ठ पत्रकार महन्त बी.पी. दास ने कहा कि, ‘पत्रकारों को सत्ता की हां-हुजूरी से दूर रहना होगा। ब्यूरोक्रेसी और राजनीति के चरणों में माथा टेकने के बजाय पत्रकारों के हितार्थ आवाज उठानी चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार सुमंगल दीप त्रिवेदी ने कहा कि, ‘वर्तमान समय में पत्रकारिता में शिक्षा का अभाव देखने को मिल रहा है, जोकि दुखद है।’ बहराइच से पधारे वरिष्ठ पत्रकार योगेन्द्र मिश्र योगी ने अपने भावों को कविता के माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत किया। लखनऊ से पधारी टीवी एंकर अदिति मिश्रा ने पत्रकारिता में महिलाओं की स्थिति पर अपने विचार रखे। वरिष्ठ पत्रकार दिलीप श्रीवास्तव ने कहा कि, ‘वर्तमान समय में युवा पत्रकारों की फौज को पत्रकारिता के गुणधर्म का अध्ययन करना काफी अनिवार्य है। कार्यक्रम के आयोजक वरिष्ठ पत्रकार दिनेश चन्द्र श्रीवास्तव ने लोगों का आभार देते हुए कहा कि, ‘हिन्दी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस विचार गोष्ठी की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण आप सभी प्रबुद्धजनों का आगमन है। वरिष्ठजनों के सानिध्य में बहुत कुछ सीखने को मिला है। साथ ही, उन्होनें कहा कि इस कार्यक्रम में आने से स्पष्ट हो गया कि पत्रकारिता आज भी जिन्दा है। इस विचार गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार जगदीप शुक्ला, परवेज अहमद, सतीश श्रीवास्तव, पाटेश्वरी प्रसाद, दीपक सिंह सरल, नितेश मिश्रा, मनीष सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी और भाजपा नेता प्रशान्त मिश्रा आदि ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर पत्रकारों में नवनीत तिवारी, श्रुतिमान शुक्ला, आकाश दीप वर्मा, सुरेन्द्र मौर्य, गोविन्द वर्मा, अर्जुन सिंह, जितेन्द्र मौर्य, राजकुमार सिंह, रंजीत गुप्ता, आलोक श्रीवास्तव, अंकित मिश्रा, कपिल सिंह, बिशन सिंह, नितिन श्रीवास्तव, भोलानाथ रावत, रजी सिद्दीकी, सरफराज वारसी, सर्वेश श्रीवास्तव, संतोष गुप्ता, शिवानी सिंह, अनिल यादव, मोहम्मद वसीक, उमेश चन्द्र श्रीवास्तव, सरदार परमजीत सिंह, फकरे आलम, मोहम्मद अबसार शाह, सत्येन्द्र यादव, शोभित मिश्रा, श्रीनिवास त्रिपाठी सहित कई पत्रकार उपस्थित रहे।

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

 

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