नगर व ग्रामीण इलाकों में दर्जनो दंत चिकित्सकों के क्लिनिक बिना पंजीकरण चल रहे हैं। विभाग के पास इनका न तो नाम है और न तो कोई रिकार्ड है। विभागीय कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद है। नोक प्लास और हथोड़े से भी उखाड़े जाते है दाँत ।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

सहसवान। नगर व ग्रामीण इलाकों में दर्जनो दंत चिकित्सकों के क्लिनिक बिना पंजीकरण चल रहे हैं। विभाग के पास इनका न तो नाम है और न तो कोई रिकार्ड है। विभागीय कार्रवाई नहीं होने से इनके हौसले बुलंद है। नगर सहित ग्रामीण इलाकों में करीब दो दर्जन से अधिक दांत के रोगों के क्लिनिक झोलाछाप चला रहे हैं, जिनके खिलाफ विभाग जांच कर कारवाई भी नहीं करता। नगर के अलावा ग्रामीण व शहरी इलाकों में बड़े बड़े होर्डिंग लगे हुए है इनमें कुछ क्लिनिक तो ऐसे हैं जो बिना होर्डिंग लगाए गोपनीय तरीके से संचालित किए जा रहे हैं। जिसे जानते हुए भी विभाग अंजान बना हुआ है। आलम यह है कि ग्रामीण व शहरी इलाकों मे धड़ल्ले से इनकी प्रैक्टिस नीम हकीम खतरे जान की तर्ज पर चल रही है। खास बात यह है कि मरीजों को अपने जाल में फंसाने के लिए लाखों की मशीन भी चिकित्सालय में लगा लिए हैं। बावजूद इसके विभाग के जिम्मेदारों द्वारा इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी नहीं की जाती। ग्रामीण इलाकों मे झोलाछाप दंत चिकित्सकों की दुकानों पर इतनी गंदगी रहती है कि कुछ पूंछों मत बिना धुले ओजारों से ही महीनो लोगों दाँतो का इलाज करते रहते है ।सूत्रों की माने तो ग्रामीण इलाको मे नोक प्लास और हथोड़े का भी प्रयोग झोला छाप दंत चिकत्सक दाँत उखाड़ने मे करते है । अब देखना यह कि चिकित्सा विभाग इन कब कार्यवाही करता है ।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984

Don`t copy text!