विधिक मुद्दों पर विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) बदायूं 9719216984

बदायूँ। उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के माध्यम से प्राप्त निर्देशों के क्रम में एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ के निर्देशानुसार मौ0 साजिद, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूं की अध्यक्षता में लीलू, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड, बदायूं, अभय कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अरविन्द कुमार गुप्ता, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, डॉ0 अनीता सिंह, प्रधानाचार्या, अध्यापिकायें, अन्जुम शहर, पुष्पा दिवाकर, ज्योति सागर, नाजरीन बेगम, राजाराम महिला इण्टर कॉलेज की मौजूदगी में गुरुवार को विभिन्न विधिक विषयक मुद्दों पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौ0 साजिद, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बदायूँ द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों आदि तथा निःशुल्क विधिक सहायता की विधिक जानकारी देने के साथ चिन्ता व्यक्त करते हुये कहा कि आज के वातावरण में बढ़ते अपराधों के ग्राफ में समाज के सभी वर्गों के साथ-साथ बच्चों में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति ने देश के भविष्य को गर्त में ले जा रहा है। इसके अतिरिक्त यह भी कहा कि 12 से 18 वर्ष के आयु के बच्चे कई शारीरिक हार्मोनल और भावनात्मक परिवर्तनां से गुजरते हैं। उम्र का यही दौर सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है जब बच्चे आसानी से गलत दिशा में अग्रसर हो सकते हैं। इसी क्रम में उनके द्वारा बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य आपके छोटे-छोटे विवादों को समझौते के आधार पर निस्तारित कराना है, जिसके लिऐ जनपद न्यायालय परिसर में मध्यस्थता केन्द्र खुला हुआ है। उक्त मध्यस्थता केन्द्र के सदस्यों/अधिवक्ताओं द्धारा दोनों पक्षों को बिठाकर समझौता कराया जाता है। जनपद में स्थायी लोक अदालत का गठन हुआ है। जहां से जनउपयोगी सेवायें जैसे बिजली-पानी एवं स्वास्थ के सम्बन्ध में सामान्य जन को अनुतोश प्रदान किया जाता है। अतः जो भी जन उपयोगी सेवायें हैं। उनके सम्बन्ध में कोई विवाद हो तो स्थायी लोक अदालत के माध्यम से निपटारा करा सकते हैं। इसके उपरान्त इस शिविर के अध्यक्ष की अनुमति से उक्त शिविर का समापन किया गया।

लीलू, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बच्चों के प्रति अपराध के बारे में विस्तार से बताया कि बच्चों को मोबाईल, टीवी, इण्टरनेट आदि का प्रयोग सीमित करना चाहिए एवं इसका प्रयोग मात्र ज्ञानवर्धन हेतु ही किया जाना चाहिए एवं छात्र-छात्राओं एवं उनके माता पिता को यह सन्देश दिया कि बच्चों को नैतिक शिक्षा अवश्य दे व उन्हें जरूरत पर ही मोबाईल उपयोग करने दें। श्री अभय कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा कथन किया गया कि बच्चों में अपराधों के बहुत ही दूरगामी दुष्परिणाम होते हैं एवं उनसे उत्पन्न बुराईयां समाज को अपराध की ओर अग्रसारित करते हैं इनसे बच्चों को बचाया जाना अत्यन्त आवश्यक है। अरविन्द कुमार गुप्ता, सदस्य किशोर न्याय बोर्ड द्वारा बच्चों को सचेत करते हुए बताया गया कि बच्चों का भविष्य बनाना माता-पिता का कतर्व्य है एवं बच्चों को हमेशा सही रास्ता अपनाने के लिए प्रेरित करें। राजराम महिला इण्टर कॉलेज, बदायूं की प्रधानाचार्या, डॉ0 अनीता सिंह द्वारा बच्चों को स्वस्थ्य रहने के तरीके सिखाये गये एवं बच्चों में सही संस्कार विकसित करने को कहा गया। माता-पिता से अपील की गयी कि बच्चों को अधिक से अधिक संख्या में विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित करें।

मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज24 टाइम्स) बदायूं 9719216984

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