खुशियों के जले दीप, हर्षाेल्लास से मनाई गई दीपावली

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

बाराबंकी। दीपावली पर्व पूरे उल्लास, उमंग व धूमधाम से मनाया गया। मकान, दुकान, प्रतिष्ठान व इमारतें सब रंग-बिरंगी लाइटों, मोमबत्तियों, लड़ियों व दीयों की रोशनी से जगमग रहीं। लोगों में इस दिवाली को लेकर खास उत्साह रहा। एक-दूसरे को जहां दीपावली पर्व की बधाई दी। वहीं सोशल मीडिया के ट्विटर, वाट्सअप व फेसबुक आदि प्लेटफार्मों पर बधाई का दौर चला। सोमवार को सुबह से दोपहर बाद तक जहां घरों की साज-सज्जा और लोगों द्वारा दीपावली को लेकर सामान की खरीदारी का दौर चला। वहीं शाम होते ही घर-घर में गणेश-लक्ष्मी की पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जगमग रहे। हर घर, हर कोना अंधियारे से दूर होकर रोशनी से सराबोर था। भक्तिमय माहौल के बीच हर मंदिर, हर घर में लक्ष्मी पूजन की धूम थी। गली-मोहल्लों में लड़ियों की रोशनी से घर जगमगा रहे थे। हालांकि परंपरा की कड़ी में दीपों की रोशनी ने अलग ही छटा बिखेरी। पहले के मुकाबले अधिकतर लोगों ने मिट्टी से बने दीयों से ही अपने मकानों को प्रकाशमान किया। पहले पूजा अर्चना, दीपों की रोशनी और फिर उसके बाद आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया। दीपावली के पर्व पर किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बेहद सक्रिय रही। विशेषकर शहर पुलिस की निगाह चप्पे-चप्पे पर थी। सुरक्षा के मद्देनजर महत्वपूर्ण स्थानों के अलावा ज्यादातर स्थानों पर पुलिस कर्मी तैनात किए गए थे। शहर की सीमाओं पर चेक पोस्ट बनाए गए। इसके अलावा मेन बाजार, बस स्टैंड, रेलवे रोड, नाका सतरिख चौराहा समेत अनेक प्रमुख जगहों पर पुलिस की टीमें तैनात रहीं। पीसीआर व अन्य पुलिसकर्मी भी गश्त करते रहे। यही नहीं पुलिस की पैदल गश्त भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रही। भीड़ भाड़ के माहौल से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी अत्यधिक मुस्तैद देखी गई। शहर भर में सुरक्षा के लिए काफी संख्या में पुलिसकर्मियों, होमगार्ड जवानों को जगह-जगह तैनात किया गया था। पर्व को लेकर मेन बाजार, घंटाघर बाजार, सराफा बाजार, देवा कस्बा, छाया चौराहा, श्री राम कालोनी, हैदरगढ़ रोड में भारी भीड़ देखने को मिली। इसके साथ-साथ लोगों में उत्साह सा दिखाई दिया।
आतिशबाजी से गूंजा आसमान

दीपोत्सव के उल्लास में शहर ही नहीं ग्रामीण अंचल भी डूबा रहा। बच्चों ने सोमवार सुबह से ही पटाखे जलाना शुरू कर दिया। बड़ों के बार-बार मना करने के बाद बच्चों ने शाम पूजन-अर्चन का इंतजार किया और पूजन होते ही पटाखों को जलाने की होड़ सी मच गई। इंतजार कर रहे बच्चों ने पूजा अर्चन के बाद से ही फुलझड़ी, गोले, अनार, राकेट, चटाई आदि आतिशबाजी छुड़ाई। शाम से ही आसमान रंगीन आतिशबाजी व जोरदार आवाजों से गूंजता रहा। तरह-तरह आकाश छूते पटाखों ने मन मोह लिया। तरह-तरह के पटाखों व आतिशबाजी से आसमान रंगीन हो उठा। जिले में स्वदेशी पटाखों की धूम रही। कहीं  राकेट  ऊपर जाकर रंगबिरंगी रोशनी बिखेर रहा था तो कहीं आसमान में जाकर आवाज के साथ कई रंगों की रोशनी से आसमान सतरंगी हो उठा। इसके अलावा बच्चों ने अनार, महताब, चकरघिन्नी, रंगीन फुलझड़ी, हांडी अनार, धीमी व तेज आवाज वाले पटाखे जला कर खुशी मनाई।

मनाई गई गोवर्धन पूजा
मंगलवार को सूर्य ग्रहण के कारण गोवर्धन पूजा बुधवार को हुई। इस दिन महिलाओं ने शाम को गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर मुख्य द्वार पर रखकर पूजा की। साथ ही दीपक भी जलाया। इसके उपरान्त 56 प्रकार के व्यंजनों को बनाकर भगवान को भोग अर्पित किया गया। कृष्णावतार में गोकुलवासी भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करते थे। इस पूजा से इंद्र देवता नाराज हो गए और उन्होंने गोकुलवासियों को आंधी, हवा, पानी आदि से परेशान कर दिया। गोकुलवासी भयभीत होकर भगवान श्रीकृष्ण की शरण में गए। तब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र का घमंड चूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत अपनी एक उंगली से उठा लिया। तब इंद्र के प्रकोप से रक्षा हुई। साथ ही इंद्र का घमंड चूर हुआ। तब से दीपावली की परेवा के दिन गोवर्धन की पूजा की जाती है।

भइया दूज आज
भइया दूज का पर्व 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों का टीका कर उनकी लंबी उम्र और खुशहाली भगवान से मांगती हैं। टीका करने से पहले भगवान की पूजा अर्चना की जाती है। इसके बाद रोली का टीका कर खील लगाती हैं।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

 

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