शैक्षिक संस्थानों में एकता दिवस के रूप में मनायी गयी। लौह पुरुष के चित्र पर लोगो ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705
मसौली बाराबंकी। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती सरकारी / अर्धसरकारी कार्यालयों एव शैक्षिक संस्थानों में एकता दिवस के रूप में मनायी गयी। लौह पुरुष के चित्र पर लोगो ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। ब्लाक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में खण्ड विकास अधिकारी डॉ0 संस्कृता मिश्रा ने श्रदासुमन अर्पित करते हुए लौह पुरुष को नमन किया इस मौके पर एडीओ पंचायत जानकीराम, अवर अभियंता लघु सिंचाई आर के प्रकाश, जेई आरईएस ए के सिंह सहित समस्त ब्लाककर्मीयो ने पुष्प अर्पित किया। सेठ एम आर जयपुरिया स्कूल में पटेल जयंती उल्लास के साथ मनायी गयी। स्कूल के असिटेंट मैनेजर के के सिंह एव प्रधानाधियापिका भारती मनकानी ने बच्चो को एकता दिवस की शपथ दिलाई। चैयरमैन पीपी सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ0 सुभाष सिंह ने बच्चो को अनेकता में एकता का संदेश दिया।

दसवीं वाहिनी पीएसी परिसर में सेनानायक सुनील कुमार सिंह की अगुवाई में पूर्व उप प्रधानमंत्री/गृहमंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की 147वीं जयंती उल्लास के साथ मनायी गयी वाहिनी क्वार्टर गार्द में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उपस्थित सभी अधिकारी/कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता की शपथ दिलाई गयी। सेनानायक महोदय ने बताया कि आज हम यहाँ सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 147वीं जयंती के अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह एक विशेष और दुर्लभ अवसर है जब हम दो कारणों का जश्न मनाते हैं। पहला, यह भारत के लौह पुरुष सरदार पटेल का जन्म है और दूसरा, हम भारत की अखंडता का जश्न मनाते हैं, जैसा कि सरदार पटेल ने कल्पना की थी। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सरदार पटेल एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जो बाद में स्वतंत्र भारत के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बने। भारत के प्रभुत्व को स्वीकार करने के लिए छोटे राज्यों के लिए सरदार पटेल का सबसे लोकप्रिय और प्रशंसित काम उनका अनुसरण है। वे स्पष्ट रूप से एक अखंड भारत चाहते थे, इसलिए उन्होंने रियासतों को भारतीय प्रभुत्व स्वीकार* करने के लिए अथक प्रयास किया। उनकी दूरदृष्टि और क्षमता के कारण ही हम अखंड भारत में सांस ले रहे हैं।इसलिए उनकी जयंती पूरे देश में अविश्वसनीय उत्साह के साथ मनाई जाती है। हम न केवल उनका जन्मदिन मनाते हैं, बल्कि उनके बताये गए एकता भी मनाते हैं। इसलिए इसे राष्ट्रीय एकता दिवस* के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर सहायक सेनानायक राम रतन, शिविरपाल न्याज अहमद काजमी, सूबेदार मेजर राजपति यादव, सहायक शिविरपाल दिनेश पाण्डेय एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी मौजूद रहे।
शान्ती देवी अवधेश वर्मा एसएम न्यूज़24टाइम्स विशेष संवाददाता मसौली जनपद बाराबंकी 8707331705

