इस्राईली पुलिस अब फ़िलिस्तीनी बच्चों का कर रही है शिकार, पैलेट गन का निशाना बने 8 साल के मालिक ईसा की गई एक आंख
समाचार एजेंसी न्यूज़
आईआरजीसी की थल सेना के प्रमुख ने कहा है कि अमरीका और सऊदी अरब की ओर से ईरान में सक्रिय आतंकवादियों को बड़े पैमाने पर सहायता और हथियार दिए जा रहे हैं।मेहर न्यूज़ एजेन्सी की रिपोर्ट के जनरल मुहम्मद पाकपुर ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि अमरीका और सऊदी अरब की ओर से ईरान में सक्रिय आतंकवादियों को बड़े पैमाने पर सहायता और हथियार दिए जा रहे हैं, सऊदी अरब ने युद्ध उपकरणों और संसाधनों से भरे तीन जहाज़ आतंकवादियों को दिए हैं।
जनरल मुहम्मद पाकपुर ने कहा कि आईआरजीसी ने देश के पश्चिमोत्तरी, पश्चिमी और दक्षिणपूर्वी क्षेत्रों में अमरीका के समर्थक आतंकवादियों को बहुत अधिक नुक़सान पहुंचाया है, आईआरजीसी ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा को मज़बूत करते हुए सुरक्षा की ज़िम्मेदारियां स्थानीय अधिकारियों को सौंप दी हैं।जनरल पाकपुर ने कहा कि सऊदी अरब की ओर से जैशुज़्ज़ुल्म गुट का समर्थन और सहायता निरंतर जारी है। एक अरब देश ने अब तक हथियारों से लदे तीन जहाज़ इस आतंकवादी गुट को दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के अंदर कम से कम 4 देश आतंकवादी गुटों को सहायता दे रहे हैं जिनमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, अमरीका और इस्राईल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी एजेन्टों पर निर्भर आतंकवादी गुटों पर हमारी निकट नज़र है।जनरल पाकपुर ने कहा कि आईआरजीसी ने देश के समस्त सीमावर्ती क्षेत्रों में अमरीका के व्यापक समर्थन के बावजूद आतंकवादियों को भारी नुक़सान पहुंचाया है और क्षेत्र में सुरक्षा को मज़बूत करते हुए शांति और स्थिरता स्थापित की है।

इस्राईलियों में एक कहावत मशहूर है कि अच्छा अरब वही है जो मारा जा चुका हो। नस्लवादी इस्राईली जब फ़िलिस्तीनी अरबों के बात करते हैं तो यह फ़ासीवादी कहावत प्रयोग करते हैं।
हाल ही में आठ साल के फ़िलिस्तीनी बच्चे मालिक ईसा पर इस्राईली पुलिस ने हमला किया जिसमें बच्चे की बाईं आंख चली गई। बच्चे के पिता ने बताया कि मालिक ईसा स्कूल ले लौट रहा था और जब वह बस से नीचे उतरा तो उस पर इस्राईली पुलिसकर्मियों ने पैलेट गन से फ़ायरिंग कर दी।
उनका कहना है कि मालिक ईसा जिस प्रकार घायल हुआ था उससे उसका जीवित बचना कठिन था लेकिन वह किसी तरह जीवित तो बच गया लेकिन उसकी बाईं आंख चली गई। यह फ़िलिस्तीनी परिवार बैतुल मुक़द्दस शहर में रहता है।
फ़िलिस्तीनी नेताओं का कहना है कि इस्राईली पुलिस जान बूझकर इस प्रकार के हमले करती है ताकि इस्राईल के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में रहने वाले फ़िलिस्तीनी वहां से मजबूर होकर चले जाएं।

