शिवरात्रि के दिन विशाल भण्डारे में हजारों की संख्या में लोग शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया।

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बाराबंकी। तपोभूमि पंचवटी आश्रम निम्बहा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा
का समापन शिवरात्रि के दिन हुआ इस अवसर पर विशाल भण्डारे में हजारों की संख्या
में लोग शामिल होकर प्रसाद ग्रहण किया। भण्डारे के शुभारंभ अवसर पर कृति
पब्लिक स्कूल के प्रबंधक हिमांशु सिंह ने आश्रम में भव्य मंदिर निर्माण का
शिलान्यास किया और मंदिर निर्माण में पूरा सहयोग देने की घोषणा की। इस मौके पर
मंदिर निर्माण की नींव खोद कर ईंटे रखकर शिलान्यास किया तथा एक ट्रक ईंटें दान
दिया। पंचवटी आश्रम में निर्मित होने वाले भव्य मंदिर की जानकारी जब स्थानीय
लोगों को हुई तो सभी ने जहाँ इस कार्य की सराहना की वहीं निर्माण में सहयोग के
लिए कई लोगों ने योगदान देना शुरू कर दिया। पंचवटी आश्रम के मुख्य सेवादार व
श्रीमद्भागवत कथा के आयोजक चंद्रशेखर मुन्ना भैया ने बताया कि शिवरात्रि के
दिन मंदिर निर्माण की नींव पड़ी है जो भगवान भोलेनाथ की इच्छा है कि इस आश्रम
पर भव्य मंदिर बने। श्री मुन्ना भैया ने बताया कि मंदिर निर्माण के लिए
तिरुपति बाला जी के मंदिर के अनुरूप नक्शा तैयार हुआ है 91 फिट ऊंचा श्रीराम
दरबार और बाला जी का मंदिर निर्माण किये जाने की नींव आज डाली गई है।
उल्लेखनीय है कि मुन्ना भैया के छोटे पुत्र अमन गोस्वामी अल्पायु में ही
भोलेनाथ का भक्त हो गया था तथा नंगे पैर ही भगवान भोलेनाथ की परिक्रमा कर
भक्ति भाव में लीन था अमन की कल्पना थी कि वह भगवान का एक भव्य मंदिर बनवाएंगे
लेकिन अमन की 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद एक वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में
मृत्यु हो गई। अमन के निधन के बाद मुन्ना भैया अपने बेटे की याद में स्वयं
भक्ति में डूब गए और सुनसान पड़े पंचवटी आश्रम पर पूजा व भागवत करवाने लगे। आज
यह स्थान अध्यात्म का केंद्र बनता नजर आ रहा है।  मंदिर निर्माण में हिमांशु
सिंह का विशेष योगदान है वहीं इस कार्य को स्थानीय लोग राजाराम वर्मा, हरिनाम,
विनोद कुमार रावत, विश्राम प्रजापति, नरेंद्र नाथ वर्मा, चंद्रपाल मिश्रा आदि
कई लोगों ने योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाजसेवी व चाइल्ड
फ्रेंडली स्कूल के प्रबंधक रत्नेश कुमार भण्डारे में आये हुए सभी श्रद्धालुओं
को प्रसाद ग्रान करने व उनको धन्यवाद देते रहे। रत्नेश कुमार ने मानस मर्मज्ञ
कथा वाचक श्री गोकरनपुरी जी महाराज के प्रति आभार व्यक्त किया।

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