ट्रंप ने उठाया सच्चाई से पर्दा, अमेरिका इराक़ और सीरिया क्यों गया?

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ट्रंप ने कहा कि हम 1500 अरब डालर या उससे अधिक का इराकी तेल निकालेंगे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फ़िर स्वीकार किया है कि आतंकवादी गुट दाइश के मुकाबले से उनका लक्ष्य इराक और सीरिया का तेल है।समाचार एजेन्सी रोयटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने समर्थकों की चुनावी रैली में कहा कि हमने सीरिया में दाइश को नष्ट कर दिया अलबत्ता हमने सीरिया के तेल के भाग को सुरक्षित रखा है और अपने कुछ सैनिकों को इस देश के तेल स्रोतों की रक्षा पर तैनात कर दिया है।
ट्रंप ने कहा कि हम यही काम इराक में भी कर रहे हैं और इराकी तेल से खूब पैसा आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हालिया महीनों में कई बार सीरिया और इराक के तेल स्रोतों को अपने नियंत्रण में रखने की बात कर चुके हैं।
अभी कुछ समय पहले सेटेलाइट से ली गयी तस्वीरें इस बात की सूचक हैं कि अमेरिकी सेना के निजी ठेकेदार इस देश की खुफिया एजेन्सी सीआईए और सशस्त्र गुटों की सहकारिता से तीन करोड़ डालर मूल्य के सीरियाई तेल को निकालने की चेष्टा में हैं।
ट्रंप ने फाक्स न्यूज़ एजेन्सी के साथ एक साक्षात्कार में भी कहा था कि हम 1500 अरब डालर या उससे अधिक का इराकी तेल निकालेंगे।
जानकार हल्कों का मानना है कि आतंकवादी गुटों विशेषकर दाइश को अमेरिका ने बनाया है ताकि इस गुट से मुकाबले के बहाने वह इराक और सीरिया जाये और इन देशों की तेल सम्पदा की लूट- खसोट कर सके।
इसी प्रकार इन जानकार हल्कों का कहना है कि अगर अमेरिका और उसके घटक वास्तव में आतंकवादी गुटों से मुकाबले में गम्भीर होते तो बहुत पहले इस गुट का अंत हो गया होता और आतंकवाद विरोधी लड़ाई समाप्त हो गयी होती।
इसी प्रकार इन हल्कों का मानना है कि अगर ईरान ने इराक और सीरिया की सहायता नहीं की होती तो बहुत पहले इराक और सीरिया पर आतंकवादी गुटों का कब्ज़ा हो गया होता।

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