ब्लाक प्रमुख पूरेडलई द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार के विरूद्ध प्रधान के खोला मोर्चा

मुकीम अहमद अंसारी

ग्राम मंगरौडा में किये जा रहे मार्ग निर्माण का मामला, लोगों में चर्चा, भ्रष्टाचारियों में हड़कम्प

बाराबंकी। एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जीरो टारलेंस नीति को लागू करते हुए प्रदेश के भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं तो वहीं जिले के ब्लाक पूरे डलई में भ्रष्टाचार को बोलबाला दिख रहा है। इस सम्बंध में ग्राम मंगरौड़ा के प्रधान ने शासन व प्रशासन को शिकायती प्रार्थना पत्र भेजते हुए निष्पक्ष जांच कराते हुए कार्य को रोकवाने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मंगडरौड़ा, ब्लाक पूरेडलई, थाना टिकैतनगर, तहसील रामसनेहीघाट, जिला-बाराबंकी के ग्राम प्रधान सै0 गुफरान ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी व अन्य उच्चाधिकारियों को भेजे गये शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि मेरे द्वारा पन्द्रहवां वित्त/पंचम वित्त वर्ष 2021-22 में मुबलिग चार लाख दस हजार रूपये में रमजानी के घर से आसाराम के घर तक इण्टरलाकिंग कार्य लगभग 90 मीटर सहायक अभियंता लोक निर्माण खण्ड-1 बाराबंकी द्वारा दिनांक 14.09.2021 पृष्ठ संख्या-35 व क्रमांक संख्या-307 अंकित तथा जिला पंचायत राज अधिकारी बाराबंकी के द्वारा पृष्ठ संख्या-62 के क्रमांक 666 द्वारा तथा आलोक कुमार गौतम ग्राम्य विकास अधिकारी द्वारा स्वीकृत किया गया था। किन्तु अब उपरोक्त कार्य को ब्लाक प्रमुख पूरेडलई रत्नेश कुमार सिंह उर्फ मिन्टू द्वारा ब्लाक के कर्मचारियों व अधिकारियों पर दबाव बनाकर उक्त कार्य को दोगुने खर्च का स्टीमेट ब्लाक प्रमुख निधि से बनवाकर करवाया जा रहा है और सरकारी धन हड़प करने की साजिश रची जा रही है। ब्लाक प्रमुख अपने पद का दुरूपयोग करते हुए उक्त सरकारी कार्य की आधी धनराशि धोखाधड़ी व कूटरचना करके गलत स्टीमेट बनवाया गया और कार्य भी चालू कर दिया गया है। ब्लाक प्रमुख द्वारा सरकारी धन को खुलेआम हड़पा जा रहा है। इस सम्बंध में जब ब्लाक के अधिकारी व कर्मचारी से दोगुने स्टीमेट के कागजात मांगे गये तो वह लोग ब्लाक प्रमुख के डर व भय के कारण अभिलेख दिखाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच करवाते हुए माननीय प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की जीरो टारलेंस नीति को धरातल पर लागू कराया जाये व कठोर कार्यवाही कि जाये तथा भ्रष्टाचार द्वारा किये जा रहे कार्य को रोकवाया जाये।
अब देखना यह है कि क्या प्रशासन हो रहे भ्रष्टाचार को रूकवायेगा या कार्य इसी तरह होता रहेगा और सरकारी धन का बंदरबांट लगातार जारी रहेगा यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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