मसौली बाराबंकी। सन्त कबीर अध्यात्म संस्थान मुंजापुर के सन्त सदगुर निष्ठा साहेब जी से शनिवार को राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला एव प्रमुख सचिव आईएस ट्रेंनिग एल वेकेंटेश्वर लू ने भेंट कर अपने व क्षेत्र की जनता की सुख शांति के लिए प्रार्थना की। क्षेत्र की ग्राम पंचायत देवकलिया के मजरे मुंजापुर स्थित सन्त कबीर आश्रम के सदगुर निष्ठा साहेब ने कहा कि मानव जीवन बहुत ही दुर्लभ से मिलता है परन्तु मानव जीवन पाने के बाद सबकुछ भूल जाता है मनुष्य को चाहिए कि अच्छे कार्य करे और माता पिता की सेवा करे और बुराइयों का त्याग करे क्योकि माँ बाप भगवान स्वरूप होते है। श्री निष्ठा साहेब ने कहा कि मनुष्य को किसी भी व्यक्ति को दुःख नही देना चाहिए हम सबका दुःख एक सामान है। और सन्त वह है जो दूसरों का दुःख दूर करे। निष्ठा साहेब ने सत्संग का महत्व समझाते हुए कहा कि सत्संग जीवन की बुद्घि की अवस्था नहीं बल्कि सहज व्यवहार की अवस्था है। जहां दिमाग की कोशिश शून्य होती है वहां मन सहज हो जाता है। हम बाधाओं का मूल्यांकन केवल किताबों से करते है। जिससे उनके बचपन के साथ अन्याय होता है। जो जीवन में सहज रूप से घुल जाये उसे ज्ञान कहते है। माता पिता श्रद्वा के पात्र बने प्रसन्नता ही जीवन का लक्ष्य है। जब सही तरीके से लिये गये निर्णय का फल सुखद हो. बाहर का प्रकाश अंतरतम के कोने तक फैला दो। यही जीवन का महापर्व है। दुखों का सामना करने के लिये स्वयं को तैयार करना ही ज्ञान है। घर की भाषा सर्वोपरि होती है। आत्मीयता की भावना होनी चाहिए। सन्त निष्ठा साहेब ने पोथी पढ़ पढ़ कर जगमुआ की परिभाषा समझाते हुए कहा कि बड़ी बड़ी पुस्तकें पढ़ कर संसार में कितने ही लोग मृत्यु के द्वार पहुँच गए, पर सभी विद्वान न हो सके. कबीर मानते हैं कि यदि कोई प्रेम या प्यार के केवल ढाई अक्षर ही अच्छी तरह पढ़ ले, अर्थात प्यार का वास्तविक रूप पहचान ले तो वही सच्चा ज्ञानी होगा। ग्राम्य विकास एव संसदीय कार्य राज्यमंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला एव प्रमुख सचिव आईएस ट्रेनिग एल वेकेंटेश्वर लू ने परम् पूज्य सन्त विशाल साहेब एव प्रेम साहेब को नमन किया।इस मौके पर सन्त कबीर अध्यात्म संस्थान के अध्यक्ष आलोक दास, तहसीलदार विश्वमित्र सिंह, हल्का लेखपाल विपिन वर्मा, सन्त प्रभात साहेब, रामदीन साहेब, प्रांजल दास, महेशा साहेब कल्पना वर्मा, मत्रंजय, सुनील सिंह, राज कुमार विश्वकर्मा, आशीष कुमार, सोहित वर्मा आकाश वर्मा, जगदीश प्रसाद वर्मा, श्रवण रावत, प्रेमचन्द्र यादव, सुन्दरदास महन्त बलीदास कुटी सहित भारी संख्या में भक्तगण मौजूद थे।
मोहम्मद वसीम कुरेशी संवाददाता

