जनरल क़ासिम सुलैमानी की शहादत के बाद उत्तरी सीरिया पर क़ब्ज़ा करने का ख़्वाब देखने लगे थे अर्दोग़ानः रूसी टीकाकार

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ

रूस के वरिष्ठ टीकाकार का कहना है कि ईरान के प्रतिभाशाली कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी की अमरीका के आतंकी हमले में शहादत के बाद की परिस्थितियों में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान उत्तरी सीरिया पर क़ब्ज़े का ख़्वाब देखने लगे थे।मास्को में मिडिल ईस्ट एंड सेंटर एशिया स्टडीज़ सेंटर के डायरेक्टर साइमन बाग़दारोफ़ का कहना है कि तुर्की ने रूस से एस-400 सिस्टम ख़रीदकर ख़ुद को नैटो और अमरीका से दूर करके रूस के क़रीब कर लिया इसके बाद अमरीका ने तुर्की पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर ली और तुर्की को एफ़-35 युद्धक विमान बेचने का सौदा रद्द कर दिया। मगर अब तुर्की एक बार फिर इदलिब में सीरिया ही नहीं बल्कि रुस के मुक़ाबले में आ गया है।
अब यह बहस शुरू हो गई है कि क्या तुर्की रूस स ख़रीदा गया एस-400  डिफ़ेन्स सिस्टम रूसी युद्धक विमानों के ख़िलाफ़ प्रयोग कर सकता है या नहीं? बागदारोफ़ का कहना है कि तुर्की एसा नहीं कर सकता क्योंकि रूस द्वारा तुर्की को दिया जाने वाला मिसाइल डिफ़ेन्स सिस्टम अप्रैल में आप्रेशनल हो सकेगा।
रूसी टीकाकार का कहना है कि तुर्की की अर्दोग़ान सरकार को यह ग़लत फ़हमी हो गई थी कि जनरल क़ासिम सुलैमानी की शहादत के बाद हालात बदल गए हैं और इन नए हालात में वह उत्तरी सीरिया पर क़ब्ज़े का सपना पूरा कर सकता है। अर्दोग़ान 2023 तक उत्तरी सीरिया और उत्तरी इराक़ को तुर्की का हिस्सा बना लेने की कोशिश में हैं।
मगर अर्दोग़ान तुर्की के भीतर जटिल परिस्थितियों में फंस गए हैं और सत्ता में बने रहने के लिए उन्हें चरमपंथी विचारधारा वाले दलों की मदद लेनी पड़ रही है।

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