कुरान शरीफ के तीन पारों की तरावीह हुई पूरी

चंद बाबू जैदपुर संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स 7398846065

जैदपुर, बाराबंकी। रमजान उल हक के महीने में ईशा की नमाज़ के बाद तरावीह की नमाज होती है। लेकिन जिन मस्जिदों में तीन पारे की तरावीह होती थी। वहां पर तरावीह का पहला दौर कई मस्जिदों में मुकम्मल हो गया है। तरावीह मुकम्मल होने की खुशी में कार्यक्रम भी हुए। जिसमें नमाजियों ने हाफिज को मुबारकबाद दी। सभी नमाजियों को परसाद (सिन्नी) बांटी किया गई। स्थानीय कस्बे के मोहल्ला छेदा कटरा में स्थित हाउज़ वाली इब्राहिमी मस्जिद में तीन पारे की तरावीह पूरी होने के मौके पर हाफिज मोहम्मद सलीम ने कहा कि माह ए रमजान में तरावीह सुनना सुन्नते मोकीदा है। अगर कोई जानबूझकर तरावीह की नमाज़ छोड़ता है तो वह जिम्मेदार होगा। कारी हाफिज मोहम्मद असद अंसारी ने बताया कि तरावीह की नमाज़ को पढ़ना और सुनना चाहिए। और पूरा माह ए रमजान भर तरावीह सुननी चाहिए। क्योंकि तरावीह पूरे माह ए रमज़ान भर के लिए है। मोहल्ला छेदा कटरा में स्थित इब्राहिमी मस्जिद हाउज वाली में छत पर हाफिज मोहम्मद शमीम व हाफिज मोहम्मद शारिक द्वारा डेढ़ डेढ़ पारे की तरावीह सुनाई जा रही थी। दोनों हाफिजों की तरावीह का पहला दौर पूरा हो गया। मोहल्ला मुक्खिन में स्थित मदरसा नुरुल उलूम वाली मस्जिद हाफिज अबू हुरैराह, आजाद नगर वाली मस्जिदें अक़्सा में मौलाना परवेज़ आलम नदवी, छोटा इमामबाड़ा वाली मस्जिद में हाफिज फैज उमर की तरावीह का दौर मुकम्मल हो गया है। इस मौके पर मस्जिद के मोअज्जिन मो इसरार कुरेशी, मुल्ला मो वसीम, मास्टर मो अख्तर, मो नफीस, फखरुद्दीन, अब्दुल वहीद सलमानी, जमीरउद्दीन, नफीस कबाड़ी, कय्यूम, शबीब सिद्दीकी, अताउर्रहमान नेता, मोहम्मद अहमद, नूर आलम सहित भारी संख्या में नमाज़ी मौजूद थे।  चंद बाबू जैदपुर संवाददाता एसएम न्युज24 टाइम्स 7398846065

 

 

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