खाद्य पदार्थों में मिलावट का जहर, फूड विभाग निष्क्रिय

बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

रामसनेहीघाट, बाराबंकी। खाद्य पदार्थों में मिलावट का खतरनाक खेल कड़े कानून के बाद भी थम नहीं पा रहा है। मिलावटी खाद्य सामग्री के उपयोग से लोगों को गंभीर बीमारियां घेरती जा रही हैं, लेकिन मिलावट करने वाले सलाखों के पीछे नहीं जा पा रहे हैं। मिलावट के काले कारोबार पर लगातार नजर रखने की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की है। वास्तविकता यह है कि विभाग खास मौकों यानी त्योहारों पर सक्रिय नजर आता है। यह सक्रियता भी केवल नमूने लेकर जांच के लिए भेजने तक ही होती है। जांच रिपोर्ट भी 14 दिन में देने का प्रावधान है, लेकिन छह-छह महीनों तक रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। ऐसे में मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हो गए। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारों से सख्त कार्रवाई की दरकार है। विभागीय उदासीनता के चलते रामसनेहीघाट के भिटरिया चौराहे सहित कस्बा सुमेरगंज व अन्य क्षेत्रों में इस भीषण गर्मी में मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। यह मिलावटखोर खाद्य पदार्थाे में मिलावट करके लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं लेकिन इनकी जांच करना फूड विभाग मुनासिब नहीं समझ रहा है। आपको बता दें कि मई माह चल रहा है गर्मी अपने पूरे शबाब पर है लोग घर से मजबूरन निकल रहे हैं ऐसे में घर से निकलने वाले हर व्यक्ति को पानी व अन्य पेय पदार्थों से गला तर करने की बहुत ही आवश्यक होती है। तहसील रामसनेहीघाट के सबसे व्यस्ततम भिटरिया चौराहे पर लस्सी की दुकानें संचालित हो रही है। जिनकी अगर गहनता से जांच कर ली जाए तो लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले यह दुकानदार बेनकाब हो कर कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। भिटरिया चौराहा सहित कस्बा सुमेरगंज, बेलहा चौराहा, देवीगंज, दरियाबाद सहित तमाम ऐसे प्रमुख चौराहे है जहां पर होटलों के साथ लस्सी दुकानदारों के द्वारा मिलावटी खाद्य पदार्थाे को बेचने की चर्चा की जा रही है। मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने वाले को जरा सा भी एहसास नहीं हो पाता है कि वह जिस चीज का सेवन कर रहा है उससे उसकी जान को भी नुकसान हो सकता है उसे तो यह भी नहीं पता होता है कि वह पैसे देकर के लस्सी नहीं अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाली चीज का सेवन करने जा रहा है। इस सबके बाद सोचनीय तथ्य तो यह है इस दिशा से तहसील प्रशासन के साथ-साथ फूड विभाग भी पूरी तरह से आंख मूंद का तमाशबीन बना हुआ है, फूड विभाग की मिलीभगत कहे या अधिकारियो की उदासीनता जिसके चलते भिटरिया चौराहे के आसपास लगने वाली लस्सी की दुकानों के साथ होटलों पर कार्यवाही का नतीजा केवल शून्य होता है। अगर चर्चा हो पर गौर किया जाए तो चौराहे के आसपास लगने वाली ऐसी दुकानों के स्वामियों द्वारा संबंधित विभाग को प्रतिमाह बंधी बंधी एक मोटी रकम दी जाती है जिसके चलते संबंधित विभाग इन दुकानदारों को आम जनमानस की जान के साथ खिलवाड़ करने का पूरा मौका देते हुए इन्हें अभयदान दे दिया जाता है। वहीं स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी अविनाश कुमार से भिटरिया चौराहे के आसपास खाद्य पदार्थाे में मिलावट करने वाले मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।   बाराबंकी: रिपोर्ट शमीम अंसारी: एसएम न्यूज24टाइम्स 9415526500

 

 

 

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