गांव नगला कोतल के जंगल में तेंदुए के देखे जाने की सूचना के बाद से वन विभाग की टीम दूसरे दिन भी जंगल कांबिंग करती रही

मुकीम अहमद अंसारी

 

सहसवान। क्षेत्र के गांव नगला कोतल के जंगल में तेंदुए के देखे जाने की सूचना के बाद से वन विभाग की टीम दूसरे दिन भी जंगल में कांबिंग करती रही। वन विभाग ने संदिग्ध वन्य जीव के पदचिन्हों को जांच के लिए भेजा है। इसके बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी कि यह तेंदुआ है या अन्य वन्य जीव है।
बता दें कि सोमवार सुबह क्षेत्र के गांव कोतल नगला के जंगल में सुबह शौच के लिए गए ग्रामीणों ने जंगल में तेंदुआ देखने का दावा किया था। इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बताया कि पदचिन्ह तेंदुए के नहीं हैं। जबकि ग्रामीणों का कहना है उन्होंने तेंदुए को देखा है। इसके बाद वन विभाग की टीम में तेंदुए की तलाश में जंगल में कांबिंग शुरू कर दी। रेंजर एके त्यागी ने बताया कि पदचिन्हों के आधार पर संदिग्ध वन्य जीव की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। पीओपी डालकर उसके फुट प्रिंट लिए गए हैं। फुटप्रिंट की जांच होने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि यह वन्य जीव तेंदुआ है अथवा अन्य। ग्रामीणों के बताए मुताबिक कल इसकी लोकेशन गांव के पश्चिम दिशा में थी। वहां से पद चिन्हों को देखकर पता चल रहा है कि वह अपनी लोकेशन बदलकर गांव की दक्षिण दिशा में एक गन्ने के खेत तक गया है। इसके चलते लगातार जंगल में कांबिंग कराई जा रही है।

*मुकीम अहमद अंसारी संवाददाता (एसएम न्युज 24 टाइम्स) सहसवान- बदायूं 9719216984*

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