मरम्मत को तरस रहा कल्याणी नदी घाट पर बना पुल ग्रामीणों में आक्रोश

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

मसौली बाराबंकी। सफदरगंज बदोंसराय मार्ग से बांसा मसौली मार्ग को जोड़ने वाले नियामतपुर गांव के निकट कल्याणी नदी घाट पर बने पुल का एप्रोच बरसात मे कट जाने के बाद सही न किये जाने से पुल से आवगमन बंद है जिससे आधा दर्जन से अधिक गांवो को जाने आवागमन के लिए कई किलोमीटर का सफर करना पड़ता है ।
बताते चले तीन माह पूर्व हुई भारी बारिश मे कल्याणी नदी पर ग्राम नियामतपुर के निकट बने पुल का एप्रोच बह जाने से करोड़ो रुपये की लागत से वर्ष 2007 मे बना पुल जानलेवा हो गया प्रशासन ने दोनों ओर के वाहनों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगा दी है। जिससे लोगो का पुरी तरह आवागमन बंद हो गया है।
( 3 माह पहले बह गई थी अप्रोच सड़क )
करीब तीन माह पूर्व हुई भारी बारिश मे को कल्याणी नदी का जल स्तर बढ़ने पर नियामतपुर पुल के निकट अप्रोच सड़क धंस कर पानी के साथ बह गई थी। प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत बनने के दौरान ही ग्रामीणों ने सड़क की गुणवत्ता को लेकर आशंका व्यक्त की थी जो बरसात के दौरान सच साबित हुई। औलिया लालपुर बौरक पुरवा न्यामतपुर रहरामऊ गडरियन पुरवा धनकुट्टी बासा बड़ागांव मसौली सफदरगंज तुरकानी सहित दर्जनों गांव को जोड़ने वाली इस सड़क से आवागमन बंद होने से लोगो को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए कई किलो मीटर का लम्बा सफर करना पड़ता है।
( ग्राम प्रधान की अगुवाई मे ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन)
प्रशासनिक लापरवाही के चलते महीनो पूर्व क्षतिग्रस्त हुई सड़क एव पुल का अप्रोच सही न किये जाने पर बुधवार की सुबह ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार सिंह संदीप के अगुवाई मे दर्जनों ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए आवगमन को सुचारु करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों,लोकनिर्माण विभाग के समस्त उत्तरादायी अधिकारियों को अवगत हुए बताया कि ग्राम न्यामतपुर सफदरगंज बदौसराय सड़क से बांसा मार्ग पर पड़ता है तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से इसी वर्ष मार्ग का लगभग 6 किमी निर्माण कार्य कराया गया है करोड़ों रूपये खर्च हुआ है लेकिन उक्त मार्ग पर ग्राम औलिया लालपुर व ग्रामपंचायत न्यामतपुर के सीमा पर स्थित कल्याणी नदी पर 2007 में निर्मित पुल इस वर्ष बाराबंकी में आयी भारी बारिश व बाढ़ से क्षतिग्रस्त हो गया है जिससे महीना होने को है आवागमन बिलकुल बंद है, आम लोगों के अतिरिक्त इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र विभिन्न विद्यालयों में जाते थे जो अभी घर पर बैठे हैं उनके शिक्षा सत्र की अपूरणीय क्षति हो रही है रोजमर्रा का व्यापार भी बाधित है इस मार्ग से सम्बद्ध 10 ग्रामों के हजारों लोगों की दिनचर्या इस सेतु के क्षतिग्रस्त हो जाने से बेहद कठिनाई पूर्ण है ल ग्रामीणों ने उक्त मार्ग को सही कराने की मांग की है।

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