कथावाचिका गौरी किशोरी ने कृष्ण जन्म की कथा सुनाई

अवधेश कुमार वर्मा संवाददाता बाराबंकी

मसौली बाराबंकी । विकास खण्ड मसौली की ग्राम गोढवा ग्वारी में स्थित आदि शक्ति दुर्गा माता मन्दिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमतभगवत कथा के छठे दिन सीतापुर से पधारी कथावाचिका गौरी किशोरी ने कृष्ण जन्म की कथा सुनाई
कथावाचिका ने
कृष्ण प्रसंग सुनाते हुए कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि कंस के अत्याचारों के कारण ही उसने अभिमान और अनीति पूर्वक राज करने के लिए अपने पिता उग्रसेन को बंदी बना लिया था।
आकाशवाणी से अपनी भावी मृत्यु का संकेत पाकर उसने अपनी बहन देवकी और बहनोई वासुदेव को बंदी बनाकर कारागार में डाल दिया। वहां एक-एक करके उनके छह पुत्रों की हत्या कर दी। सातवें गर्भ में खुद शेषनाग के आने पर योग माया ने उनके देवकी के गर्भ से निकालकर वासुदेव की पहली पत्नी रोहणी के घर में स्थापित कर दिया। भगवान ने आठवीं संतान के रूप में जन्म लिया।
कथा वचिका ने रसास्वादन करवाते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी की रात्रि 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में हुआ।उसी रात वसुदेव यमुना पार कर मथुरा से गोकुल ले गए थे और उनकी घर से नवजात कन्या को ले आए थे। कथावाचिका ने कहा कि जब-जब धर्म की हानि इस एकता के भंग होने पर हुई है तब तब भगवान ने अवतार लेकर उसे पुनः स्थापित किया है।आयोजक पुजारी रामपाल सन्तोष सागर शिवकुमार रमेशचंद्र वर्मा राजेश नारायण जय जयराम विश्राम आदि ।

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