शिक्षिका ने मांगी माफी, अभिभावकों ने तबादला से कम पर समझौता नहीं

 कार्रवाई न होने पर जनता दरबार में मुख्यमंत्री से शिकायत करने की कही बात

हैदरगढ़ (बाराबंकी) । स्थानीय शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय रामपुर बारा में एक शिक्षिका द्वारा मामूली बात को लेकर कमरे में बंद कर बच्चों की पिटाई करने के मामले में बच्चों के अभिभावकों की नाराजगी है कि कम होने का नाम नहीं ले रही है। जाँच करने विद्यालय पहुंचे बीईओ की मौजूदगी में शिक्षिका ने माफी मांगी, लेकिन अभिभावक इससे संतुष्ट नहीं है, सभी शिक्षिका के साथ प्रधानाध्यापिका को विद्यालय से हटाने की जिद पर अड़े हुए हैं। अभिभावकों ने कार्रवाई न होने की दशा पर लखनऊ पहुंचकर जनता दरबार में मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कही है।
गौरतलब हो कि शिक्षा क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय रामपुर बारा में बीते दिनों विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका सपना जायसवाल द्वारा अपने 200 रूपये खो जाने पर कक्षा तीन से पांच तक के बच्चों की कमरे में बंदकर पिटाई कर दी गई थी। बच्चों के घर पहुंचने पर अभिभावकों को इसकी जानकारी हुई। तो उनके द्वारा कोतवाली पुलिस के साथ खंड शिक्षा अधिकारी से मामले की लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांंग की गई थी। अभिभावकों का आरोप था कि विद्यालय की सपना जायसवाल द्वारा इस बात को लेकर हमारे बच्चों की जमकर पिटाई की गई थी कि कहीं उनके ₹200 खो गए थे। जिस दौरान शिक्षिका द्वारा बच्चों की पिटाई की गई थी उसे समय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पुष्पा देवी भी विद्यालय में मौजूद थी उनके द्वारा मना करने के बजाय इसमें सहयोग किया गया था। शिक्षिका द्वारा बच्चों की पिटाई करने का मामला तूल पकड़ने पर शुक्रवार को खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय पहुंचकर बच्चों से बात कर उनके बयान भी दर्ज किए गए। इस कृत्य के लिए माफी भी मांगी गई, परंतु अभिभावक इससे संतुष्ट नहीं हुए। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा बताया गया कि शिक्षिका द्वारा अपनी गलती की माफी मांग ली गई है किसी को कोई गिला शिकवा नहीं हैं। लेकिन दूसरी तरफ अभिभावक इस बात से संतुष्ट नहीं है उनका कहना है कि जब तक उक्त शिक्षिका व विद्यालय की प्रधानाचार्य को यहां से नहीं हटाया जाता है तब तक वह शांत नहीं बैठने वाले हैं। अगर हमारी इस बात को विभागीय अधिकारी अमल में नहीं लाते हैं तो लखनऊ पहुंचकर जनता दरबार में मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करेंगे।

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