इराक़ से अमरीकी सैनिकों को निकालना, प्रधानमंत्री बनने की अहम शर्त!
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
इराक़ के अलफ़तह गठजोड़ के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा है कि देश के राजनैतिक दलों ने नए प्रधानमंत्री के लिए यह शर्त रखी है कि वह संसद में पारित बिल के अनुसार देश में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति ख़त्म करे।
अलफ़तह के सदस्य साद सादी ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि राजनैतिक दलों ने नई सरकार के गठन के लिए मनोनीत मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी के समर्थन के लिए यह शर्त रखी है कि वे इराक़ से सभी अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने के संसद के बिल को व्यवहारिक बनाएं। उन्होंने कहा कि संसद से विश्वासमत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री का सबसे अहम दायित्व, संसद के उस बिल पर अमल करना है जिसके अंतर्गत इराक़ से सभी अमरीकी सैनिकों को निकल जाना चाहिए।
अलफ़तह के सदस्य साद सादी ने कहा कि संसद का फ़ैसला उन सबसे अहम शर्तों में से एक है जिन्हें व्यवहारिक बनाने के लिए मुस्तफ़ा अलकाज़ेमी से वादा लिया गया है और उन्होंने इस पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि संसद का यह फ़ैसला एक आदेश है और कोई भी प्रधानमंत्री, चाहे वह अलकाज़ेमी हों या कोई और, इसे व्यवहारिक बनाने से कतरा नहीं सकता। सादी ने कहा कि इराक़ सरकार के लिए यह फ़ैसला, निश्चित है विशेष कर इस लिए भी कि इसे जनता के एक बड़े भाग का समर्थन हासिल है। ज्ञात रहे कि जनवरी में अमरीका की आतंकी सेना के हाथों आईआरजीसी के कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी, इराक़ के स्वयं सेवी बल के उप कमांडर अबू महदी अलमुहंदिस और कई अन्य लोगों की आतंकी हमले में हत्या के बाद इराक़ की संसद ने एक बिल पारित करके अपने देश से सभी अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने का आदेश दिया था।

