क्यों इराक़ में अमरीकी साज़िश हुई नाकाम? बहुत बड़ी साज़िश तैयार की गयी थी , बताया इराकी सांसद ने
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
इराक़ी सांसद ने बताया है कि किस वजह से इराक़ के बारे में अमरीका की हालिया साज़िश नाकाम हो गयी इराकी सांसद हामिल अलमूसवी ने बताया है कि अमरीका इराक़ के स्वंय सेवी बल से सीधे रूप से युद्ध चाहता था और उसकी पूरी कोशिश थी कि इराक़ी प्रतिरोध मोर्चे को युद्ध में खींच ले लेकिन स्वंय सेवी बल ने बेहद सूझबूझ का प्रदर्शन करते हुए इराक़ में युद्ध की आग भड़काने की अमरीकी साज़िश को पूरी तरह से नाकाम बना दिया है।
उन्होंने अलमालूमा टीवी चैनल से एक वार्ता में बल दिया कि अमरीका, स्वंय सेवी बल हश्दुश्शाबी को युद्ध में खींच नहीं पाया इस लिए अब वह इराक़ को ही नुक़सान पहुंचाने की कोशिश में है।
उन्होंने कहा कि अमरीकी साज़िशों के सामने हश्दुश्शाबी और प्रतिरोध मोर्चे के अन्य गुटों ने जिस प्रकार से संयम का प्रदर्शन किया उससे अमरीकी साज़िश नाकाम हो गयी और इराक़ एक बड़े युद्ध और बड़ी तबाही से बच गया।
उन्होंने अमरीका द्वारा इराक़ में पेट्रयॉट मिसाइल सिस्टम लगाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इस इराक़ में इस प्रकार के किसी मिसाइल सिस्टम की वजह से इराक़ में युद्ध का खतरा बढ़ेगा इस लिए संभल कर क़दम उठाना और अमरीकी साज़िशों को नाकाम बनाना चाहिए।
याद रहे इराक़ में जनरल सुलैमानी और अबू मेहदी अलमुहंदिस की अमरीका द्वारा हत्या के बाद इस देश की सरकार संसद और जनता ने अमरीका से ततकाल रूप से देश से निकल जाने की मांग की जिसकी वजह से अमरीका ने विवश होकर इराक में अपनी 6 छावनियां खाली कर दीं।
अमरीका किसी भी दशा में इराक़ छोड़ना नहीं चाहता इस लिए वह एक साज़िश के तहत इराक़ में बड़ा युद्ध आरंभ कराना चाहता है।
अमरीका ने इसके लिए इराक़ में दाइश के आतंकवादियों को भी सीरिया से लाना आरंभ कर दिया है।
ट्रम्प सरकार ने इराक़ में प्रतिरोध मोर्चे और विशेष कर ” कताएब हिज़्बुल्लाह ” पर कई बार हमले किये। अबू मेहदी अलमुहंदिस इसी सगंठन के कमांडर थे जिन्हें अमरीका ने जनरल क़ासिम सुलैमानी के साथ शहीद किया था।
इन हालात में अमरीका की सभी भड़काऊ कार्यवाहियों के बावजूद कताएब हिज़्बुल्लाह ने संयम का प्रदर्शन किया जिसकी वजह से अमरीका इराक़ में युद्ध और हंगामा आरंभ करने में नाकाम रहा।
अमरीका चाहता था कि ” कताएब हिज़्बुल्लाह ” और हश्दुश्शाबी को युद्ध में घसीट ले जिससे इराक़ से अमरीका के निकलने की बात ही खत्म हो जाए।

