पान मसाला माफियाओं के आगे नतमस्तक है पुलिस, थाने से लेकर चैकी पहुंच रहा है रजनीगंधा **कार्यवाही के नाम पर पकड़ी जा रही हैं छोटी-छोटी मछली, बड़े कर रहे हैं खुलेआम शिकार। **गोदाम सील न होने से दिन रात बिक रहा है प्रतिबंधित पान मसाला।
प्रधान सम्पादक आलिमा शमीम अंसारी
बाराबंकी। शहर में दर्जनों थोक व्यापारी पान मसाला और सिगरेट के हैं और व्यापारियों के पास करोड़ों का माल डम्प है। थोक व्यापारी ज्यादा कमाई के लालच में सुबह 5 बजे से 8 बजे तक बड़े पैमाने पर डीलिंग करते हैं। जिसमें गैर जनपदों के भी व्यक्ति आते हैं जिनसे कोरोना वायरस फैलने की प्रबल संभावना बढ़ गई है। इस सम्बंध में जब एस0एम0 न्यूज 24 ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया तो उक्त कारोबारी थाने, चैकी के साथ-साथ शहर के कई सफेदपोशों को हजारों का माल अपने को बचाने के उद्देश्य से चढ़ावा स्वरूप देने लगे हैं, कई नेताओं के यहां थोक व्यापारी होम डिलेवरी की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं।
विदित हो कि देश में फैली महामारी कोविड-19 (कोरोना वायरस) के मद्देनजर लाॅकडाउन घोषित है। उक्त अवधि में प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ सिंह ने पान मसाला, सिगरेट की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था तब से उक्त दुकानदार अपने माल को बेच रहे थे किन्तु जब से लाकडाउन-2 की घोषणा अग्रिम 3 मई 2020 तक हुई तब से पान मसाला के थोक व्यापारी फुटकर दुकानदारों को न देकर स्वयं चैगुने दाम पर माल बेचते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर स्थित द्वारिका, रूपेश, आदि की दुकानों व गोदामों में काफी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री डम्प है तथा शहर के राकेश जैन, सोनू जैन, टीना जैन, गंगाराम, अंकित, रमाकंात चैरसिया, शिवाकांत चैरसिया निवासी रसूलपुर, व राम नरायन निवासी टण्डन वाली गली, मेन रोड, बाराबंकी आदि थोक विक्रेता अपने 10-12 गोदाम अलग-अलग जगह पर बना रखे हैं और माल धीरे-धीरे निकालकर धड़ल्ले से बेच रहे हैं।
विश्वस्त्र सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त थोक विक्रेता अपने-अपने नौकरों को बुलाकर माल की सुबह से ही स्कूटी पर लदवाकर अपने-अपने रिश्तेदारों व सजातीयों के घर में छिपाकर रख लेते हैं और कहते हैं कि हमारे पास माल ही नहीं है जबकि माल रूपया ज्यादा देने पर एडवांस बुकिंग की जाती है और ग्राहकों से कहा जाता है कि रूपया जमा कर दो माल दो घण्टे के बाद आपको होम डिलेवरी द्वारा पहुंचा दिया जायेगा। अगर उक्त दुकानदारों को जरा भी शक हो जाता है तो बताया जाता है कि माल अब खत्म हो गया है कल परसों मिल पायेगा, किन्तु सोचनीय यह है कि लाॅकडान होने की वजह से कल परसों माल क्या आसमान से आकर टपक जाता है। एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सोनू जैन ने 170 रूपया वाला कमला प्रसाद हमको 500 रूपये में दिया है, इसी तरह दूसरे व्यक्ति ने बताया कि रूपेश चैरसिया ने 550 रूपया वाला रजनी गंधा हमको 1000 रूपया का अपने घर से निकालकर दिया है, और कहने लगा कि अभी हमको सिपाही को डिब्बा मुफ्त में देना है उसका पैसा हम किससे वसूलेंगे, रूपेश के पड़ोसी गुड्डे अपने आवास भितरी से पूरे मोहल्ले में माल की सप्लाई लगातार चालू रखे हुए है। शहर के लगभग हर मोहल्ले में थोक व्यापरी डायरेक्ट सप्लाई अपने गुर्गों द्वारा करते हैं और सभी को 1-2 डिब्बे से ज्यादा माल नहीं देते हैं और कहते हैं कि यह रेट आज का है कल का रेट कितना बढ़ेगा यह बात हम लोग कल बतायेंगे। शहर के साथ-साथ जनपद के कस्बा जैदपुर, सफदरगंज, फतेहपुर, सतरिख, हैदरगढ़, सिद्धौर, रामनगर, मसौली, बंकी आदि कस्बो में एम0आर0पी0 से चैगुने दामों पर धड़ल्ले से पान मसाला बिक रहा है, जबकि पुलिस कोई भी ठोक कदम नहीं उठा रही है।
एक तरफ प्रदेश के मुखिया सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर जुर्माना लगाने का आदेश किया है दूसरी तरफ उक्त दुकानदार गंदगी को बढ़ावा दे रहे हैं जिससे वायरस फैलने की प्रबल संभावना बढ़ रही है और शासन प्रशासन की छवि धूमिल कर रहे हैं। अब देखना है कि पुलिस प्रशासन इन कालाबाजारियों के विरूद्ध कोई ठोक कदम उठाती है या उनकी राजनैतिक पहुंच के आगे नतमस्तक होती है, यह तो समय के गर्भ की बात है।

