मनोरंजन के माध्यम से परोसी जा रही है यूट्यूब पर ख़बरें बढ़ रही हैं यूट्यूबरों की सक्रियता, कार्यवाही की जद में आने से बचने के लिए बन रहे संगठन

(अब्दुल मुईद)।

बाराबंकी (अब्दुल मुईद)। जिले में इन दिनों यूट्यूबरों की भरमार हो गई है, यूट्यूबर भी अब अपने को पत्रकार कहते हुए दिख रहे हैं, हद तो यहां तक हो गई कि अपने वाहन पर बड़े-बड़े अक्षरों में पत्रकार लिखकर बिना हेल्मेट फर्राटा भरते नजर आते हैं। पुलिस ऐसे लोगों को देखकर सहम जाती है, कुछ तो अपने आपको जिले के मुखिया तक पर्सनल पहुंच का भी मुख मण्डल से बखान करते हैं। शहर में कुछ यूट्यूबर अच्छा काम कर रहे हैं तो कुछ दादी, मौसी, भईया आदि कहकर खिंचाई करते हैं अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल कर देते हैं, लोग इससे कुछ लोग आनंदित भी होते हैं तो कुछ लोग खिन्न भी होते हैं। वही कुछ यूट्यूबर अभद्रता परोस रहे हैं। ऐसे में अधिकारी भी अभद्रता के साथ परोसी गई खबर को नजरअंदाज कर देते हैं।
मालूम हो कि पत्रकार, एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही आंखों के सामने एक ऐसे शख्स की छवि बनती है मानो कोई कलम का पुजारी हो, जिसको न तो सत्ता का खौफ़ हो और ना ही झूठें मुकदमो का, न समाज के बाहुबलियों का। एक प्रखर वक्ता, लेखक, मुखमंडल में चमक लिए मानो कोई सिपाही हो, जो किसी गरीब व कमजोर की आवाज़ बनकर असत्य से टकरा जाए.. पर जैसे-जैसे वक्त बढ़ता गया राजनीति पत्रकारिता में हावी होते गई। साथ ही पत्रकारों की छवि भी बदल गयी। बिन पगार पूरी तरह जनता के हित में तैयार रहने वाले कलम के पुजारी अपने नैतिक मूल्य को निभा रहे है। वही कुछ यूट्यूबर केवल किसी न किसी के पक्षकार बनकर जनता को वही खबर परोसने में लगे है जो उन्हें उनके अप्रत्यक्ष मालिक या छुटभईया नेता अपने हिसाब से बनवाते हैं।
पत्रकारिता के क्षेत्र में दिन प्रतिदिन बढ़ती तादाद में अशिक्षित, कम पढ़े लिखे और अप्रशिक्षित यूट्यूबर की एक बड़ी दिशाहीन सेना का प्रवेश भी पत्रकारिता के क्षेत्र में भ्रष्टाचार बढ़ाने में बड़ा योगदान दे रहा है। ये वो लोग है जो सुबह शाम जनप्रतिनिधियों, सरकारी अफसरों और दफ्तरों, चौकियों, थानों के चक्कर काटते हुए इधर-उधर मंडराया करते हैं। कुछ कथित यूट्यूबरों की सेना ऐसी है जो विभाग में जाकर, खबर प्रकाशन का धौंस दिखाकर या अन्य तिकड़मबाजी से मांग की जाती है। जिनसे ऐसे कथित यूट्यूबरों का मनोबल लगातार बढ़ता जाता है। वहीं कुछ यूट्यबरों ने संगठन भी बना लिया और अपने बड़े बड़े होर्डिग चौराहों व सरकारी आफिस के सामने लगवा दिया है ताकि अधिकारियों पर दबाव बनाया जा सके। वहीं इनके मुखिया कई तरह के गलत कार्यों में लिप्त नजर आते हैं साथ ही अपराधिक पृष्ठभूमि को छिपाने के लिए चापलूसी करते हुए नजर आते हैं। वहीं कुछ यूट्यूबर दिन रात कड़ी मेहनत करके हर छोड़ी-बड़ी खबर आवाम तक पहुंचाते हैं लेकिन इन कथित यूट्यूबरों के कारण इनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। ऐसे में सूचना विभाग को मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करनी चाहिए। इस सम्बंध में जब सहायक सूचना अधिकारी आरती वर्मा के मोबाइल नम्बर पर फोन किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।

अवैध तरीके से वाहन पर प्रेस लिखने वालों पर होगी सख्त कार्यवाही: रामयतन यादव

वहीं इस सम्बंध में जब यातायात प्रभारी रामयतन यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी यातायात माह चल रहा है जिसको लेकर व्यवस्तता अधिक है, इस कारण अभी कार्यवाही नहीं हो पा रही है, जल्द ही वाहनों पर गलत तरीके से प्रेस लिखकर चलने वालों पर सख्त कार्यवाही होगी और ऐसे वाहनों को सीज किया जायेगा और उचित धाराओं में चालान किया जायेगा।

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