ट्रम्प एक भयानक युद्ध की कोशिश में, ईरान ने कैसे उड़ा दी है नींद अमरीकी नेताओं की?
समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ
दुनिया भर में संकट पैदा करने वाला अमरीका आजकल खुद संकट का केन्द्र बन गया है। कोरोना से डराने वाले आंकड़ों को अब अमरीकी अधिकारी छुपाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। ट्रम्प ने कोरोना को ” चीनी वायरस” का नाम देकर इस संकट का बोझ अपने कांधों से हटाने का प्रयास किया लेकिन उन्हें इसमें सफलता नहीं मिली और अब कोरोना के दलदल में उनका राजनीतिक भविष्य दांव पर लगता नज़र आ रहा है। इन हालात में ट्रम्प दुनिया पर एक नया युद्ध थोपने का प्रयास कर रहे हैं जिसमें कोई भी विजेता नहीं होगा और हार केवल अमरीकी जनता की होगी। आज जब पूरी दुनिया कोरोना के संकट में फंसी है, अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प अपने बयानों से विश्व वासियों में चिंता पैदा कर रहे हैं।
पूरी दुनिया यहां तक कि ट्रम्प के घटकों को भी मालूम है कि दुनिया में एक भयानक युद्ध को रोकने के लिए अब अधिक समय नहीं बचा है। अमरीकी राष्ट्रपति को पश्चिमी एशिया, फार्स की खाड़ी में युद्ध भड़काने की कोशिश और युरोपीय देशों के सामान लूटने के बजाए अमरीकी जनता पर ध्यान देना चाहिए जो इस देश के इतिहास के एक भयानक संकट में फंसे हुए हैं।अमरीका व ईरान के बीच तनाव बड़ा रहा है जिसकी शुरुआत, ईरान और दुनिया के बड़े देशों के मध्य हुए परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बाद हुई। यह निश्चित रूप से अमरीका की बहुत बड़ी गलती थी। कहा जा रहा है कि अमरीका अब ईरान के खिलाफ सीमित युद्ध की तैयारी कर रहा है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान पर अमरीका का कोई भी संभावित हमला, अमरीकी नेताओं की कल्पना के विपरीत, बहुत लंबा और थका देने वाला होगा यहां तक कि अमरीका ने इराक़ युद्ध में जो गंवाया है उसे भी वह भूल जाएगा। इस प्रकार की किसी भी झड़प की दशा में हुरमुज़ स्ट्रेट बंद हो जाएगा, निर्यात का निर्यात खत्म हो जाएगा और तेल का बाज़ार और अधिक संकट का शिकार हो जाएगा।
अब अमरीकी जनता को भी यह पता चल चुका है कि उनके राष्ट्रपति को उनकी चिंता नहीं है और वह अपनी जीत के लिए अमरीका को एक युद्ध में झोंक सकते हैं लेकिन अमरीकी नेताओं की यह समझ में आना चाहिए कि वह ईरान को रोक नहीं सकते। अमरीकी सरकार को दर अस्ल इलाक़े में ईरान के बढ़ते प्रभाव से बहुत अधिक चिंता है। यही वजह है कि वह ईरान को रोकने के लिए सिर तोड़ कोशिश कर रहा है लेकिन ईरान की ताक़त दिन प्रतिदिन बढ़ रही है और अमरीका की ताकत घट रही है। आज इलाक़े के हालात पर अगर गौर किया जाए तो यह नज़र आएगा कि इलाक़े के देश अब ईरान से निकट होने की कोशिश कर रहे हैं जिसकी वजह से अमरीका और उसके कुछ युरोपीय देश अंगारों पर लोट रहे हैं। वह किसी भी दशा में ईरान को क्षेत्र का सुपर पॉवर नहीं बनने देना चाहते लेकिन ईरान को रोकना उनके बस में नहीं है। अस्ल में उन्हें ईरान से यह समस्या है कि क्षेत्र में ईरान के प्रभाव और उसकी भूमिका की वजह से अमरीका और उसके घटकों की सारी योजनाएं विफल हो जाती हैं।
आज विभिन्न क्षेत्रों में विकास के मार्ग पर जिस तरह से ईरान आगे बढ़ रहा है उससे अमरीका और उसके घटक काफी चिंतित हो गये हैं। हालिया दिनों में ईरान के क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी ने नूर सैनिक सेटेलाइट अंतरिक्ष में भेज कर सच में एक बड़ा धमाका किया है जिससे अमरीका की नींद हराम हो गयी है। ईरान ने इस तरह से देश की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा और मज़बूत क़दम उठाया है। इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने बहुत पहले ही ईरान के लिए बहुत आयामी शक्ति प्राप्त करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया था आज ईरान के सपूत प्रतिबंधों के बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में शक्ति प्राप्त कर रहे हैं और अमरीका की नींद उड़ी है और यही वजह है कि अब विशेषज्ञ यह आशंका प्रकट कर रहे हैं कि अमरीका, ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ सकता है। ईरानी सेना ने जिस प्रकार का बयान जारी किया और जिस तरह से चेतावनी दी है उससे भी यह लगता है कि अमरीका के मूर्ख कहे जाने वाले राष्ट्रपति, कुछ बड़ी गड़बड़ी करने के बारे में सोच रहे हैं जो शायद उनकी बहुत बड़ी गलती होगी।

