फतेहपुर थरियांव थाने न्याय न मिलने पर पीड़ित महिला अपने पांच बेटियों के साथ पहुंची पुलिस अधीक्षक की चौखट पर रो-रो कर बताया अपने साथ हुई घटना की बात अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो महिला के साथ दरिंदगी न पुलिस ने दिया साथ न ही मिला अब तक न्याय

शमीम अंसारी बाराबंकी एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

फतेहपुर बाराबंकी। जहाँ भारत गणराज्य की महिला राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी और महिला आयोग से लेकर भारतीय न्यायपालिका तक महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा की बात करते हैं वहीं उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद की एक महिला न्याय पाने के लिए अधिकारियों से लेकर राजनेताओं के दर की चौखट नाप रही है, लेकिन एक सप्ताह गुज़र जाने के बाद भी पीड़ित महिला को न्याय नही मिला। यह दिल को झकझोरने वाला मामला फ़तेहपुर ज़िले के ग्राम उदय सरायं थाना थरियांव का है जहां पर पीड़ित महिला को थाने चौकी तो छोड़िए पुलिस अधीक्षक फ़तेहपुर से भी अब तक इंसाफ नहीं मिला है।
आज दिनांक 17 अप्रैल को पीड़ित महिला महजबीं अपनी पांच बेटियों के साथ अपने साथ हुए अन्याय के लिए न्याय मांगने फ़तेहपुर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में पहुंची जहां पर पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल के सामने रो-रो कर अपने साथ हुए अन्याय को बताया तथा यह भी बताया कि कैसे थरियांव थाने के अधिकारियों ने उसके साथ हुई दरिंदगी को झूठा साबित कर उसे थाने से भगा दिया और उसके पति को पीआरवी कर्मचारियों द्वारा बुरी तरह मारा पीटा गया साथ ही थाने के कुछ लोगो ने उसके साथ दरिंदगी करने वाले दरिंदो का पक्ष लेते हुए धमकी दी कि अपना मुंह बंद नही रखा तो अंजाम बुरा होगा पीड़िता ने हमारे संवाददाता को बताया कि पुलिस अधीक्षक के कार्यालय के एक कर्मचारी ने महिला को ही झूठा बता दिया और कहा कि तू झूठी है तेरा मामला भी झूठा है तू उन लोगो को झूठा फंसा रही है पुलिस अधीक्षक फ़तेहपुर ने भी मामले में सिर्फ ये बोल महिला को जाने के लिए कह दिया कि देखते हैं हम क्या कर सकते हैं पीड़िता महिला ने हमारे संवाददाता को बताया कि दरिंदों ने 9/4 /2025 को रात लगभग 11:30 से 12 बजे के बीच बिजली ना होने की वजह से जब वह अपनी पांच बेटियों और अपने पति के साथ घर के दरवाजे के बाहर सो रही थी तभी अचानक गांव के ही चार दरिंदे जिनके नाम पीर मोहम्मद इरशाद अहमद मोहम्मद कयूम और मोहम्मद नईम हैं आए और पीड़िता के हांथ पैर पकड़ मुँह दबा कर बलात्कार का प्रयास करने लगे। महिला ने अपनी इज़्ज़त को बचाने के लिए जब उनका विरोध किया तो चौथा व्यक्ति महिला के सीने में बैठ गया और उसके शरीर को नोचने लगा जिसके निशान अभी भी महिला के शरीर पर अब भी मौजूद हैं,महिला की चीख पुकार सुनकर महिला का पति जाग गया और पत्नी को उन दरिंदो से बचाने का प्रयास करने लगा जिस पर एक दरिंदे ने महिला के पति के सर पर किसी धारदार चीज़ से वार किया जिससे पीड़िता का पति बेहोश हो गया। इस सब पर जब पीड़िता की बेटियां जाग कर चीख पुकार करने लगी तो पड़ोस में रहने वाली पीड़िता की जेठानी अपने घर से शोर मचाते बाहर निकली तब दरिंदे पीड़िता के कपड़े फाड़ते हुए और मुह न खोलने की धमकी देते हुए भाग गए। पीड़िता की जेठानी ने बताया कि दरिंदो के हांथ में अवैध असलहा एवं धारदर हथियार थे। और शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे थे जब पीड़ित महिला अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी देने थाना थरियांव पहुंची तो वहां पर उस वक़्त ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी व सिपाही पीड़ित महिला को ही उल्टा गलत साबित करने लगे। ऐसे में जब पीड़िता की एफआईआर लिखी जानी चाहिए थी उसका मेडिकल होना चाहिए था लेकिन ताज्जुब की बात ये है कि थरियांव थाने में बैठे एक अधिकारी ने दरिंदों की तरफदारी कर महिला को सुलह समझौता करने का दबाव डाला जब पीड़ित महिला ने इस बात का विरोध किया तो थाने के अधिकारी ने महिला को जेल भेजने की धमकी दे डाली जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ महिला सुरक्षा में कोई हीला हवाली न करने और महिलाओं को न्याय दिलाने में सख्ती की बात करते हैं वहीं फतेहपुर ज़िले की पुलिस द्वारा पीड़िता के साथ हुए अन्याय की अनदेखी कर अभियुक्तों का साथ दे ये साबित कर रहे हैं कि हमसे बड़ा न मुख्यमंत्री बक आदेश और न ही हमसे बड़ी न्यायपालिका। ऐसे में ये सोचनीय है कि क्या न्याय सिर्फ पैसे वालो को ही मिलता है या फ़तेहपुर पुलिस सिर्फ माफियाओं, दरिंदों और रसूखदारों की गुलाम बन कर राह गयी है पीड़िता अभी भी न्याय की आस में अधिकारियों की चौखट नाप रही है और घटना को अंजाम देने वाले खुलेआम घूम रहे है पीड़िता ने आज पुलिस अधीक्षक से मिलने के बाद कहा कि अगर उसे न्याय न मिला तो अपने परिवार के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सपरिवार आत्मदाह कर लेगी क्यों कि ज़िल्लत की ज़िंदगी से बेहतर मौत है  शमीम अंसारी बाराबंकी एसएम न्युज24 टाइम्स बाराबंकी

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