जमीयत अहले हदीस युवा इकाई अंजुमन ए इसलाह ए मुस्लेमीन की ओर मुआशरा टॉपिक पर जलसे का इनकार किया गया।
मुकीम अहमद अंसारी
बिसौली,बदायूं। जमीयत अहले हदीस की युवा इकाई अंजुमन ए इसलाह ए मुस्लेमीन की ओर से इसलाह ए मुआशरा टॉपिक पर हर साल की तरह इस साल भी जलसे का इनकाद किया गया। जिसमें कहा गया कि बेटियों को दहेज की जगह उनकी विरासत में हिस्सा दें।
जलसे का आगाज मस्जिद अहले हदीस के इमाम मौलाना सज्जाद हुसैन ने कुरान की तिलावत से किया।
इस दौरान फ़ज़ीतुल शेख मोहम्मद शमीम सल्फी बदायूंनी ने कुरआन से उम्मत की ग़फलत टॉपिक पर बयान फरमाया। इस बार ख़ास टॉपिक “बाप की विरासत में बेटी का हक़” इस टॉपिक पर फ़ज़ीतुल शेख सरफराज फैजी साहब मुंबई ने खिताब किया। जिसने बाप की विरासत में बेटी का हक पर उम्दा बयान फरमाया। सदारत फ़ज़ीलतु शेख रज़ा उल्लाह अब्दुल करीम मदनी ने टॉपिक अहले बैत फ़ज़ाएल और हुकूक पर शेख़ ने बयान फरमाया। जलसे की निजामत हाफिज सज्जाद उस्मानी इमाम मस्जिद एहले हदीस सैदपुर ने की।जलसे में हतरा, बिसौली, बदायूं, सहसवान, बरेली व दीगर जगह से मेहमान हज़रात तशरीफ लाए। जलसे के आखिर में क़ौम और मुल्क के फलाह बहबूद के लिए ख़ास दुआ हुई।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

