1857 के शहीदों को सहसवान में दी गई श्रद्धांजलि नमन (सलाम) 1857 कार्यक्रम में गूंजा देशभक्ति का स्वर।

मुकीम अहमद अंसारी

बदायूं में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों की याद में नमन (सलाम) 1857 श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक, शान-ए-अवध राजा गौरखपुर खान बहादुर मीर मोहम्मद याद में आयोजित हुआ कार्यक्रम में शहीदों के बलिदान को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

बदायूँ जिले के सहसवान में बदायूं – मेरठ हाईवे स्थित मंडी समिति के पास 10 मई 1857 को शुरू हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कप्तान मीर फिदा हुसैन के साथ लड़ने वाले 19 देशभक्तों को अंग्रेजों ने वर्तमान मंडी समिति सहसवान के सामने स्थित खूनी इमलियों के पेड़ों पर फांसी देकर और गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया था जबकि कई अन्य साथियों को काला पानी की सजा दी गई थी। इस अवसर पर मीर मोहम्मद हसन के वंशज मीर मुशर्रफ अली एडवोकेट, शहीद ओमकार बक्काल के वंशज विधान माहेश्वरी तथा काला पानी की सजा पाने वाले मौलवी विलायत हुसैन के वंशज फखरे आलम को माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती दीक्षा महेश्वरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विक्रम सक्सेना प्रधानाचार्य बांके बिहारी लॉ कॉलेज एवं पियूष महेश्वरी मंडल अध्यक्ष भाजपा एवं मुख्य वक्ता एवं मुख्य अतिथि सुभाष गौड़ रहे। कार्यक्रम का आयोजन डॉक्टर हैकल नकवी ने किया।

आजादी से लेकर अब तक प्रथम बार यह कार्यक्रम उन्हीं खूनी इमलियों पर हुआ बख्ताओं में सलमान हैदर नकवी, अवडर शर्मा, सचिन शर्मा, आसिफ अली अंसारी, सौरभ महेश्वरी, अनुराग दिक्षित, अतुल सक्सेना फौजी, राम खिलाड़ी, इशरत हुसैन, फखरे आलम, इरफान अली आदि

कार्यक्रम संयोजक स्वाधीनता संग्राम समिति एवं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के द्वारा किया गया सैकड़ो लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई कार्यक्रम में भारत माता के नारों की गूंज होती रही।

कार्यक्रम का संचालन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रांत संयोजक ब्रज प्रांत मोहम्मद कमर चौधरी ने किया।

 

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

Don`t copy text!