सेवा हॉस्पिटल संचालक ने 13 दिन बाद ही सील तोड़कर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू की पंजीकरण न होने पर 26 मई को एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार चिकित्सा अधीक्षक की टीम ने सेवा हॉस्पिटल किया था सील

मुकीम अहमद अंसारी

“सील किया हुआ हॉस्पिटल अचानक खुल जाना बना चर्चा का विषय”

 

सहसवान, बदायूं। सहसवान हरदत्तपुर मार्ग पर स्थित बिना पंजीकरण के क्षेत्र में अपनी स्वास्थ्य सेवाएं कई वर्षों से दे रहे सेवा हॉस्पिटल की शिकायत मिलने पर एसडीएम सहसवान ने चिकित्सा अधीक्षक को मामले की जांच करने के निर्देश दिए जिस पर चिकित्सा अधीक्षक द्वारा नोटिस दिया गया नोटिस के जवाब में अस्पताल संचालक में एसडीएम के सामने उपस्थित होकर गुहार लगाई कि वह अभी पंजीकरण नहीं दे पाएगा उसने समय देने की गुहार लगाई परंतु एसडीम ने चिकित्सा अधीक्षक को तत्काल नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम गठित कर तत्काल सेवा हॉस्पिटल सील करने के निर्देश दिए हॉस्पिटल सील करने की कॉपी स्टाफ कर्मचारी प्रीति को रिसीव कराई गई। साथ ही अस्पताल संचालक को चार दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश भी दिए गए।

बताया जाता है सेवा हॉस्पिटल के संचालक द्वारा अब तक कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया गया चर्चा यह है की अस्पताल संचालक के विरुद्ध चिकित्सा अधीक्षक को रिपोर्ट भी दर्ज करनी थी परंतु रिपोर्ट दर्ज चिकित्सा अधीक्षक ने क्यों नहीं कराई यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

बताया जाता है वर्ष 2024 में भी सेवा हॉस्पिटल पंजीकरण न होने के कारण सील किया गया था सील इसलिए किया गया था कि उसने अपने पंजीकरण का रिमूवल नहीं कराया था।

वर्ष 2024 से अब तक सेवा हॉस्पिटल किसके आशीर्वाद से क्षेत्र में जनता की स्वास्थ्य सेवा कर रहा है यह चर्चा का विषय है जब वर्ष 2024 में उपरोक्त हॉस्पिटल सील हो गया था तो सील होने के बाद कैसे खुल गया यह भी चर्चा का विषय है।

बताया जाता है सेवा हॉस्पिटल का संचालक ने 9 जून को अपराह्न में सेवा हॉस्पिटल जो 26 मई को मजिस्ट्रेट द्वारा सील किया गया था आखिर उसने मजिस्ट्रेट की सील को कैसे तोड़कर क्षेत्र में सेवा हॉस्पिटल की सेवाएं क्षेत्र में देना प्रारंभ कर दी जबकि सील किया हुआ हॉस्पिटल मजिस्ट्रेट की बिना अनुमति के नहीं खुल सकता आखिर हॉस्पिटल की सील तोड़ने से पहले सेवा हॉस्पिटल के संचालक ने कौन सी ऐसी शासन प्रशासन को घुट्टी

पिला दी क्षेत्र की जनता के गले नहीं उतर रहा है क्षेत्र में चर्चा हो रही है सेवा हॉस्पिटल के प्रबंधक ने आर्थिक साठ गाँठ से समझौता करके अपना हॉस्पिटल खोल लिया और क्षेत्र में बिना पंजीकरण के स्वास्थ्य सेवाएं देना प्रारंभ कर दी।

इस बाबत तहसीलदार राकेश कुमार उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है वह नायब तहसीलदार मोहित कुमार से बात करेंगे तहसीलदार ने बताया की नायब तहसीलदार द्वारा प्रेस नोट जारी किया जा रहा है जिससे वस्तु स्थिति का पता चल सकेगा।

सेवा हॉस्पिटल सील होने के बाद प्रबंधक द्वारा सील तोड़कर प्रारंभ किए जाने से कई तरह की चर्चाएं जन्म ले रही हैं पहले तो यह की सेवा हॉस्पिटल सील होने के बाद हॉस्पिटल संचालन करने की कोई भी अनुमति मुख्य चिकित्सा अधिकारी से नहीं ले सकते जब हॉस्पिटल सेल था इस दौरान सेवा हॉस्पिटल को कोई भी पंजीकरण नहीं दिया जा सकता दो सवाल लोगों के गले तरे नहीं उतर रहे। जो स्वास्थ्य विभाग एवं तहसील प्रशासन पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे हैं। सेवा हॉस्पिटल के संचालक से भी उसका पक्ष जानने का प्रयास किया परंतु संपर्क नहीं हो सका।

 

*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

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