तीन दशक से अधिक समय से तैनात है लिपिक जिला महिला चिकित्सालय में है वर्तमान तैनाती
आलीमा शमीम अंसारी एसएम न्यूज24टाइम्स
बाराबंकी। जनपद में स्वास्थ्य विभाग अरसे से सुर्खियों में चला आ है। विभिन्न अनियमितताओ से ग्रसित स्वास्थ्य महकमा उबर नहीं पा रहा। शासन में मजबूत जड़ों का नतीजा कि तबादला नीति आज भी ताक पर है। बानगी मात्र जनपद में एक लिपिक करीब तीन दशक से अधिक समय से तैनात है। वर्तमान में जिला महिला चिकित्सालय में बतौर प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्यरत है। अब जब बात जिला महिला चिकित्सालय की आ ही गई तो स्मरण कराते चलें कि कुछ समय पूर्व इस चिकित्सालय के विभिन्न प्रकरण इतने हाईलाईट हुए कि अंततः निदेशालय के शीर्ष अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा था। नतीजा क्या हुआ बात किसी से छिपी नहीं। आरटीआई का जवाब न देना जिला महिला चिकित्सालय के प्रशासनिक तंत्र का शगल बना है। कुछ एक प्रकरण राज्य सूचना आयोग में प्रेषित हुए हैं। वहीं अनेक शिकायतें भी शीर्ष पटल पर लम्बित हैं। जिले में मठाधीश बना लिपिक लम्बे समय तक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में मलाईदार कुर्सी पर विराजमान रहा। वहां भी अनेक प्रकरणों में सुर्खियों में रहा। सूत्रों के मुताबिक जनपद बाराबंकी इतना रास आया कि ट्रांसफर प्रक्रिया से बचने के लिए साठगांठ कर महिला चिकित्सालय तबादला करवा लिया। खाश सूत्रों का कहना है कि इन महाशय की निदेशालय में जड़े इतनी मजबूत हैं कि सिफारिश के लिए तमाम लोगों की लाइनें इनके पास लगी रहती हैं। वर्तमान में जिला महिला चिकित्सालय में कार्यरत हैं। शीर्ष अधिकारियों को गुमराह कर 30 बरस से अधिक समय एक ही स्थान पर गुजारना वास्तव मे विभाग व अपने कर्तव्यों से बेमानी होगी! मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में तैनाती के कार्यकाल की जांच तमाम अनियमितताओ का अनावरण अवश्य करेगी।
आलीमा शमीम अंसारी एसएम न्यूज24टाइम्स

