वर्तमान समय में हैरान व परेशान है व्यापारी -डिप्रेशन से लेकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं व्यापारी। व्यापार और जीवन से जारी है संघर्ष

अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

-व्यापारियों को हसीन सपने दिखाकर सत्ता में आई सरकार अब किया जा रहा उत्पीड़न -जनपद में आत्महत्या करने वाले ज्यादातर व्यापारी-मदद के नाम पर कोई नही आ रहा आगे,?

बाराबंकी। वर्तमान समय व्यापारियों के लिए बहुत ही कष्टकारी साबित हो रहा है। लगातार दिन प्रतिदिन लागू हो रहे आदेशों व कोविड-19 से व्यापारियों की रातों की नींद गायब हो चुकी है। कई व्यापारी तो हर माह हर सप्ताह की बंदी से इतना हैरान व परेशान हो चुके हैं कि उनको अपने यहां कार्यरत स्टाफ तक की सैलरी निकालना मुश्किल हो गया है। मौजूदा वक्त में कार्य की अवधि के साथ-साथ प्रतिदिन खुलने वाली दुकान में माह में सिर्फ 15 से 20 दिन की ही दुकानदारी बची है। फिर भी व्यापारी संघर्षरत हैं। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति रोज कमाने वाले फुटकर व्यापारियों की है। कई व्यापारियांे की पूर्व की रखी जमापूंजी के साथ साथ माल की स्थिति भी आधे से कम हो गई है।

मालूम हो कि कोई भी नियम या आदेश लागू होता है तो सबसे पहले व्यापारियों की दुकाने बंद कराई जाती है। अगर गलती से भी कोई फुटकर व्यापारी दुकान खोल दे तो तुरंत स्थानीय पुलिस सक्रिय हो जाती है, मौके पर कई पुलिस कर्मी पहुंच करके वीडियो व फोटों खींचने लगते हैं और शुरू कर देते हैं डीलिंग! धीरे-धीरे तयतोड़ हो जाने पर माल लेकर पुलिस व्यापारी को छोड़कर दुकान बंद करवा देती है, जबकि व्यापारी रोजमर्रा की आवश्यक खाद्य सामग्री की ही बिक्री कर रहा होता है। वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा कोई सहायता नही दी जा रही यहां तक लाॅकडाउन की अवधि का भी बिजली बिल व्यापारियांे से वसूल किया जा रहा है। उसमें भी कोई छूट व्यापारियों को नहीं दी जा रही है। वहीं नगर पालिका द्वारा कूड़ा उठाने के नाम व्यापारियों से वसूली चालू कर दी गई है, नगर पालिका परिषद द्वारा जारी रसीद पर अंकित नम्बर 8004254101 पर जब फोन किया गया तो फोन नही उठा। परेशान व्यापारियों से जब इस सम्बंध में बातचीत की गई तो मालूम चला कि सुबह से लेकर शाम तक एक तो दुकानदारी ही नहीं बची है और दूसरी तरफ कभी कभार कोई दूर दराज का ग्राहक देर सबेर आ जाता है तो बंदी के कारण उसे बैरंग लौटना पड़ता है। एक व्यापारी ने बताया कि मार्च से लगातार लाॅकडाउन के चलते घर का ही खर्चा निकालना तक मुश्किल हो गया है, वहीं दूसरी तरफ तरह-तरह के बिलों का भुगतान करने के कारण हम व्यापारियों की आर्थिक रूप से कमर टूट चुकी है। सरकार द्वारा कोई राहत की घोषणा नहीं की जा रही है, जो भी वादे किये गये थे वह केवल सब हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। जिनका धरातल से कोई वास्ता व सरोकार नहीं रह गया है। कुछ व्यापारी तो मौजूदा हालत के कारण डिप्रेशन व अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ शराब की दुकानों पर खुलेआम भीड़ लगाकर बिक्री की जाती है, जहां पर सैकड़ों की संख्या में ग्राहक जमावाड़ा लगाए रहते हैं तब वहां पर कोरोना नहीं फैलता। बल्कि व्यापारियों का दोहन किया जा रहा है कोरोना के नाम पर, उनके व्यापार को बरबाद किया जा रहा है, और फुटकर व्यापारियों को समाप्त किया जा रहा है ताकि बड़े-बड़े शाॅपिंग माल आदि को फायदा पहुंचाया जा सके।

इन सब सवालों के बीच एक बात जो उभरकर सामने आई है वह यह है कि व्यापारियों की समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है किन्तु न जिम्मेदार न प्रशासन और न सरकार द्वारा कोई सहायता दी जा रही है और न ही उनकी भलाई के लिए कोई ठोस कदम ही उठाया जा रहा है। अब देखना है कि व्यापारी इसी तरह सिस्टम का शिकार होता रहेगा या उसकी मदद के लिए कोई आगे आयेगा।

अब्दुल मुईद सिटी-रिपोर्टर (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

 

Don`t copy text!