शिक्षकों की भूखमरी का जिम्मेदार कौन, शासन प्रशासन मौन

मामुन अंसारी संवाददाता एसएम न्यूज24टाइम्स बाराबंकी

बाराबंकी। वैश्विक महामारी कोरोना के इस संकट काल में जहां आम जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं कोचिंग संस्थान संचालकों तथा निजी विद्यालयों में अध्यापन करने वाले शिक्षकों की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है जिसका पुरसाहाल शासन व प्रशासन स्तर पर कोई दिखाई नहीं दे रहा है। बताते चले कि कोरोना के इस संकट काल में समाज का अधिकांश वर्ग पूर्णतः बेरोजगारी की जद में आ गया है प्राइवेट शिक्षकों की स्तिथि तो बद से बदतर होती जा रही है। मार्च माह से ही कोचिंग संस्थान बंद हो जाने के कारण उसके शिक्षक बदहाली में पहुंच चुके हैं जिसकी खोज खबर करने वाला कोई नहीं है। मार्च माह से ही धनागम का स्त्रोत पूर्णतः बंद हो जाने के कारण शिक्षकों के परिवारजनों को दो वक्त की रोटी के लिए भी कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है इन स्तिथियों से परेशान कोचिंग संचालकों ने जिलाधिकारी और राज्यसभा सांसद पी एल पुनिया को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने अपनी दयनीय स्तिथि से अवगत कराते हुए कुछ सहूलियतों के साथ कोचिंग पुनः प्रारंभ करने की अनुमति मांगी तथा आर्थिक तंगी से जूझ रहे कोचिंग संचालकों ने मांग की है कि शीघ्र अति शीघ्र कोचिंग संस्थान खोलने हेतु गाइडलाइन जारी करनेध् करवाने एवम् लॉक डाउन प्रारंभ होने से अब तक कोचिंग संस्थान का किराया पूर्णतः माफ करने एवम् कोचिंग को उचित अनुदान व मुआवजा देने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि शासन प्रशासन स्तर से कोचिंग पुनः चलने की अनुमति प्रदान की जाए। कोचिंग संस्थानों द्वारा राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन ईमानदारी पूर्वक किया जाएगा। इस अवसर पर व्यास एकेडमी के शिक्षक शिवम् सोनी, विकास मिश्रा, अमरेन्द्र मिश्रा, अजय कुमार आदि के अतिरिक्त भारत सिलेक्शन विंग्स, सी एम् एकेडमी, वाई आर कोचिंग, दिशा क्लासेज, ब्रिलियंट कोचिंग, शिवशक्ति कोचिंग, द्रोणाचार्य कोचिंग, गुरूमंत्रा कोचिंग, सक्सेस प्वाइंट, मैजिक मंत्रा, आई.सी.टी. टारगेट प्वाइंट कोचिंग के सभी संचालक एवम शिक्षक उपस्थित रहें।

मामुन अंसारी संवाददाता एसएम न्यूज24टाइम्स बाराबंकी

 

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