उन्नाव की गैंगरेप पीड़िता के भतीजे का सुराग नहीं

शादाब अली की रिपोर्ट

उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र में जिंदा जलाकर मारी गई गैंगरेप पीडिता के अपहृत छह वर्षीय भतीजे का चार दिन बीत बाद कोई सुराग नहीं लग सका है। तलाश में लगीं 14 टीमें अलग-अलग बिन्दुओं पर दिन-रात छानबीन कर रही हैं पर अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी हैं। एएसपी व सीओ टीमों से हर पल रिपोर्ट ले रहे हैं। आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह लापरवाही पर तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर चुकी हैं। इससे पुलिस खासी चौकन्ना है।गैंगरेप पीड़िता के भतीजे का शुक्रवार को अपहरण हो गया था। इस मामले में पांच लोग नामजद किए गए थे, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। उनसे पूछताछ के बाद पुलिस करीब दो दर्जन लोगों को उठाकर पूछताछ कर चुकी है पर कुछ हासिल नहीं हुआ। गांव के कई बच्चों से भी पुलिस ने पूछताछ की है। सूत्रों की मानें तो गठित टीमें आधा दर्जन बिन्दुओं पर तफ्तीश कर रही हैं। उधर, मृतक गैंगरेप पीड़िता मामले में जेल में बंद आरोपितों की हाईकोर्ट में जमानत के लिए कार्रवाई चल रही थी, जिसमें पुलिस के मुताबिक भतीजे के अपहृत होने से अब जमानत भी नहीं मिल सकती है। इसके अलावा प्रधान चुनावी में फायदा उठाने को लेकर अथवा कुकर्म आदि बिन्दुओं पर भी पुलिस की नजर है। पुलिस ने चार अन्य को उठायागैंगरेप पीड़िता के अपहृत भतीजे की खोजबीन में नाकाम हो रही पुलिस ने सोमवार सुबह गांव के चार अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए उठाया। तीन पुलिस कर्मियों के निलंबित होने के बाद से थाने का हर कर्मी सतर्क है और कोई भी जानकारी देने से बच रहा है। एसडीएम ने जमा करवाए शैक्षिक प्रमाण पत्रसोमवार सुबह गांव पहुंचे एसडीएम दयाशंकर पाठक ने गैंगरेप पीडिता की बहन के शैक्षिक प्रमाण पत्र लिए हैं। उन्होंने बहन को नौकरी दिलवाने का भरोसा दिलाया है। अपहृत भतीजे को लेकर पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

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