अपने वख्त के इमाम की इताअत का नाम दीं है – अली अब्बास
मोहम्मद अतीक संवाददाता थाना क्षेत्र असंद्रा एसएम न्यूज़24टाइम्स
इबादत मक़सद नहीं मक़सद तक पहुचने का ज़रीया है जैनब (स अ )करबला का वो किर्दार हैं जिसने किसी भी शहीद को आज तक मरने नहीं दिया
इबादत मक़सद नहीं मक़सद तक पहुचने का ज़रीया है । वख्त के इमाम की इताअत का नाम दीन है ।एकता के बगैर कामयाबी मुमकिन नहीं है ।आखिर में कर्बला वालों के मसायब पेश किया जिसे सुनकर सभी रो पड़े ।मजलिस से पहले डा रज़ा मौरान्वी ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुए पढ़ा- खून जिस खाक में सरवर का मिला होता है ।उसका इक ज़र्रा भी सूरज से बड़ा होता है ।सरवर अली कर्बलाई ने अपना कलाम पेश करते हुये पढ़ा – नसारा देख के हैरान हो गए उस दम , रसूल नूर की जब ले के अन्जुमन निकले । हैदर आब्दी,रज़ा मेहदी व अयान ने भी नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।आसिफ अख्तर बाराबंकवी ने सोज व मरसिया पेश किया।बाद ए मजलिस नौहाख्वानी व सीनाजनी हुई।बनिये मजलिस ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।मोहम्मद अतीक संवाददाता थाना क्षेत्र असंद्रा एसएम न्यूज़24टाइम्स

