इस्लाम तलवार से नहीं , इस्लाम किर्दार ए नबी व किर्दार ए आल ए नबी से फैला – मौ0 इब्ने अब्बास अल्लाह ने अपने हाबीब को उम्मत के लिये मुअल्लिम बना कर भेजा चालीस सालों तक अल्लाह के नबी ने सदाक़त ,अमानतदारी व किर्दार का कलमा उम्मत को पढाया

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स

बाराबंकी ।इस्लाम तलवार से नहीं , इस्लाम किर्दार ए नबी व किर्दार ए नबी से फैला ।यह बात कर्बला सिविल लाइन स्थित जावेद अस्करी साहब के अजाखाने में मजलिस को सम्बोधित करते हुए मौलाना इब्ने अब्बास साहब ने कही।उन्होने यह भी कहा कि चालीस सालों तक अल्लाह के नबी ने सदाक़त ,अमानतदारी व किर्दार का कलमा उम्मत को पढाया । आखिर में कर्बला वालों के मसायब पेश किया जिसे सुनकर सभी रो पड़े ।मजलिस से पहले डा रज़ा मौरान्वी ने अपना बेहतरीन कलाम पेश करते हुए पढ़ा- सफ़ ए बातिल जहां अपनी हद ओं से पार होती है , वहीं हल्क़ ए सितम पर सब्र की तलवार होती है । साज़ी मेहदी नक़वी ने पढ़ा – ये भी तो ज़ुल्फेकार के हमले से कम नहीं , इन्कार की लगाई जो ज़रबत हुसैन ने, सरवर अली कर्बलाई ने अपना कलाम पेश करते हुये पढ़ा – बोले ये बोहलोल एक दिरहम में जन्नत बेच कर , ,जा ज़ुबैदा खुल्द में हमनें तेरा घर कर दिया ।आसिफ अख्तर बाराबंकवी ज़मानत अब्बास, हैदर आब्दी,रज़ा मेहदी व अयान ने भी नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।मजलिस का आगाज तिलावत ए कलाम पाक से अयान ने किया।बाद ए मजलिस नौहाख्वानी व सीनाजनी हुई।बनिये मजलिस ने सभी का शुक्रिया अदा किया ।मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स

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