इश्क़े हुसैन इबादते परवरदिगार है – मौ0 मो0 रज़ा

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

जो जंग मे पहल करता है उसका इस्लाम से कोई सम्बंध नहीं होता – हबीब हैदर इस्लाम जंग में पहल करने की इजाज़त नहीं देता
वख्त के इमाम से मदद चाहिये तो रूह को पाक रखे बुराई से दूरी बनायें – अयान अब्बास

बाराबंकी  । इश्क़े हुसैन इबादते परवरदिगार है। यह बात बेलहरा हाउस स्थित आबिद साहब के अज़ाखाने में मौलाना मो0 रज़ा ज़ैद पुरी  ने मजलिस को सम्बोधित करते हुए  कहा।उन्होने यह भी कहा इंसान जो इच्छाएं मानवता के उद्धार के लिये करता है इश्वर उसे अवश्य पूरा करता है ।अली कालोनी दयानंद नगर स्थित हिलाल साहब के आवास पर मजलिस को सम्बोधित करते हुए ज़ाकिरे अहले बैत  हबीब हैदर ने कहा जो जंग मे पहल करता है उसका इस्लाम से कोई सम्बंध नहीं होता ,कयोंकि इस्लाम जंग में पहल करने की इजाज़त नहीं देता। दुनियां अगर इस्लाम के  इस एक क़ानून पर अमल कर ले तो  आतंकवाद खत्म हो सकता है।कर्बला सिविल लाइन मे मजलिस को अयान अब्बास ने सम्बोधित करते हुये कहा कि वख्त के इमाम से मदद चाहिये तो रूह को पाक रखे बुराई से दूरी बनायें । अख्तियार हुसैन के अज़ाखाने की मजलिस को ज़ाकिरे अहले बैत अली अब्बास ने सम्बोधित किया । उन्होने यह भी कहा कि नमाज़ इबादत का सबसे अच्छा हिस्सा है, लेकिन मक़्सदे जिन्दगी नहीं ।आखिर में कर्बला वालों के मसायब बयान किये गये , जिसे सुनकर मोमनीन रोने लगे ।मजलिस से पहले डा 0 रज़ा मौरान्वी ने अपना कलाम पढ़ा – वो जिनके अश्को को रूमाले सय्यदा न मिला ,फनां हए है शहादत का मर्तबा न मिला।शारिब मौरान्वी ने अपना कलाम पढ़ा-अगर नज़र को  हक़ीकत का आइना मिल जाए,तखैयुलाते रवानी को सिलसिला मिल जाए । अजमल किन्तूरी नेअपना कलाम पढ़ा-अगर रूहुल अमी इस बात पर तय्यार हो जाते,उन्हेंभी काबाओ कौसैन  के दीदार हो जाते। सरवर अली कर्बलाई नेअपना कलाम पेश करते हुए पढ़ा – उसको वजूद ए दीन  ए रसूल ए खुदा कहो, बाक़ी है जिससे दीन उसे करबला कहो  । मजलिसों का अगाज़ तिलवतों से किया गया  ।मुज़फ्फ़र इमाम,सरवर अली कर्बलाई,शबी अहमद आब्दी , ज़ईम काजमी, गाज़ी इमाम  , हैदर, रज़ा मेहदी, रहबर अमान अब्बास आदि लोगों ने  नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।लाइन पुरवा  स्थित नाज़िम  साहब के अज़ाखाने में भी मजलिस को  मौ0 मो0रज़ा साहब ने सम्बोधित किया ।शोअरा ने नज़रानये अक़ीदत पेश किया ।बेलहरा हाउस से अलम  उठा लोगों  ने शोशल डिस्टेन्सिन्ग के साथ ज़ियारत की अलम नाज़िम  साहब के इमामबाड़े मे पहुँचा अन्जुमनों ने नौहाखानी व सीनाज़नी की बानियाने मजलिस ने सभी का शुक्रिया  किया ।नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

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