सहसवान के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पीड़िता के वाद पर एक अहम फैसला सुनाया है, जिसके तहत क्षतिपूर्ति के रूप में एकमुश्त तीन लाख रुपये भी अदा करने होंगे।
मुकीम अहमद अंसारी
सहसवान, बदायूं।
विवाह के पश्चात ससुराल पहुंची एक नवविवाहिता के साथ मारपीट और थप्पड़ जड़ने का मामला सामने आने के बाद अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है. सहसवान के न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र सिंह की अदालत ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत दायर वाद की सुनवाई करते हुए मोहल्ला बजरिया निवासी सृष्टि माहेश्वरी के पक्ष में यह निर्णय सुनाया है.
अदालत द्वारा पारित एकपक्षीय आदेश में सृष्टि के पति अंकुश माहेश्वरी (निवासी तुलसीवन देवी अट्टा रोड, वृन्दावन देव, मथुरा) को निर्देशित किया गया है कि वे पीड़िता के मायके में जाकर किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या प्रताड़ना नहीं करेंगे. साथ ही, अदालत ने आदेश दिया है कि पीड़िता को किराए के निवास के लिए पांच हजार रुपये और भरण-पोषण हेतु पंद्रह हजार रुपये प्रति माह प्रदान किए जाएं, तथा प्रतिकर क्षतिपूर्ति के रूप में तीन लाख रुपये की राशि एकमुश्त दी जाए.
शिकायतकर्ता ने न्यायालय में आरोप लगाया था कि जब वह शादी के बाद ससुराल पहुंची तो उसके गाल पर तीन थप्पड़ जड़े गए. विदाई के वक्त रिश्तेदारों को मिलाई के पैसे न देने का आरोप लगाकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया. इसके अतिरिक्त, यह भी आरोप लगाया गया कि सास द्वारा गले के सोने के हार और हाथों की चूड़ियां उतार ली गईं तथा धक्का देकर कमरे में बंद कर दिया गया.
इस मामले में अदालत ने सहसवान और वृन्दावन के थाना अध्यक्षों को आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. भरण-पोषण और किराए की कुल बीस हजार रुपये की राशि हर महीने की दस तारीख तक अनिवार्य रूप से चुकानी होगी. यदि किसी कारणवश पति यह राशि देने में असमर्थ रहता है, तो ससुर नीरज माहेश्वरी (पुत्र महेंद्र पाल माहेश्वरी) और सास उपदेश माहेश्वरी इस भुगतान को करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
*मुकीम अहमद अंसारी ब्यूरो चीफ एसएम न्युज 24 टाइम्स बदायूं*

