मतदान के दौरान पहचान हेतु कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य

एटा। जिला निर्वाचन अधिकारी सुखलाल भारती के निर्देशन में उप जिला निर्वाचन अधिकारी केशव कुमार ने सूचित किया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश विधान परिषद् निर्वाचन के होन वाले मतदान में प्रतिरूपण को रोकने की दृष्टि से मतदान के समय ऐसे मतदाता जिन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र जारी किये गये हैं को अपनी पहचान सिद्ध करने के लिये मतदेने से पूर्व अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा। ऐसे निर्वाचकों जिन्होंने अपने निर्वाचक फोटो पहचान पत्र प्राप्त नहीं किये हैं, को पहचान स्थापित करने के लिये कोई दस्तावेज मतदान कार्मिक स्टाफ को प्रस्तुत करना होगा।

उप जिला निर्वाचन अधिकारी के बताया कि आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेन्स, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, राज्य, केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्थानीय निकाय या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए सेवा पहचान-पत्र, सांसदों, विधायकोें, विधान परिषद् सदस्यों को जारी किए गए आधिकारिक पहचान पत्र, शैक्षिक संस्थाओं, जिनमें संबंधित शिक्षक, स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो, द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, विश्वविद्यालय द्वारा जारी उपाधि, डिप्लोमा का प्रमाण-पत्र, मूल रूप में, सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिव्यांगता संबंधी प्रमाण-पत्र, मूल रूप में से कोई एक दस्तावेज अनिवार्य है।

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