न्वजात शिशु को बचाने में कामयाब रहे डा. रजत, हो रही प्रशंसा

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

बाराबंकी। बाल रोगों के लिए जनपद ही नही अपित आस पास के जनपदों में आहूजा के नाम से प्रसिद्ध डाक्टर डाॅ. रजत आहूजा ने नवजात शिशु का क्रिटिकल इलाज कर उसकी जान बचाई है। दो दिन के शिशु को बचाने में कामयाब रहे डाक्टर रजत आहूजा की प्रसंसा हो रही है। जानकारी के मुताविक बाराबंकी के दशहराबाग निवासी विवेक शुक्ला का दो दिन का नवजात शिशु जोकि अन्यत्र प्रसव हुआ था और प्रसव के बाद वह रोया नही था, शिशु की स्वशन गति बहुत तेज थी। परेशान विवेक शुक्ला आहूजा नर्सिंग होम के डाक्टर रवि आहूजा के पुत्र डा0 रजत आहूजा जो एमबीबीएस, एमडी(पीडिया) और पीजीआई लखनऊ से एनआईसीयू इन्टर्नसिव नियोनेटोलिजिस्ट हैं, को दिखाया। डा0 आहूजा ने शिशु को देखते ही बताया कि शिशु गर्भ में ही मां के पेट में लैट्रिन कर लिया था जिससे उसके फेफड़े में परत पड़ गई और स्वांस को अन्दर नही ले पा रहा है। डा आहूजा ने बच्चे को तत्काल सी-पैप मशीन में रखकर इलाज शुरू किया और मशीन द्वारा बच्चे के फेफड़े में सरफैक्टेण्ट डालकर फेफडे को कार्य करने के लिए सामान्य कर, दो दिन के बच्चे को जीवनदान दिया। 23 नवम्बर को भर्ती किया गये शिशु को दो दिन सी-पैप मशीन में रखकर सरफैक्टेण्ट की आधुनिक लीसा विधि से बच्चे की जान बचाई है और 24 घण्टे के बाद सी-पैप मशीन से हटाकर एचएचएचएफएनसी मशीन पर ले लिया और अगले दिन बाद मशीन से हटा लिया गया। कुल 5-6 दिनों में बच्चा सामान्य हुआ और मां का दूध पीने लगा है। जनपद में ऐसी विधि द्वारा क्रिटकल शिशु का इलाज पहली बार हुआ है।

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)

 

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