धूमधाम से मनाया गया बालिका दिवस हेड मास्टर बनते ही छात्रा आँचल ने लिए धड़ाधड़ फैसले

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

त्रिलोकपुर बाराबंकी। राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर रहमत नगर प्राथमिक विद्यालय में धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर बेटियों और उनके अभिभावको को प्रोग्राम में अच्छे विचार रखने के लिए पृस्कृत करके प्रोत्साहित किया गया। वही एक छात्रा को स्कूल का प्रधानाध्यापिका बनाकर बेबाकी से फैसला लेने का मौका दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मीना मंच नोडल बंकी पारूल शुक्ला और प्रधानाध्यापिका अर्चना सिंह की अध्यक्षता में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती मुख्य अतिथि द्वारा सरस्वती माता के चित्र के समक्ष माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन से हुआ। महिला अभिभावकों ने मिशन प्रेरणा तथा ई पाठशाला में अपनी भागीदारी और कोरोना काल में किस प्रकार बच्चों की पढ़ाई जारी रख रही हैं इस विषय में बताया। उन सभी ने लैंगिक समानता विषय पर भी अपने विचार साझा किए।कार्यक्रम में श्रीमती पारूल शुक्ला द्वारा अभिभावकों से अपने बच्चों में किसी भी प्रकार का भेदभाव ना करने और अपने बेटे तथा बेटी दोनों को पढ़ने और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रेरित किया,ई-पाठशाला में अपनी ज्यादा भागीदारी देने और विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को विद्यालय के कार्यों में और उसकी प्रगति के लिए सहयोग प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा मुझे क्या बेचेगा रुपैया ,ओ री चिरैया और मीना की कहानी से बदलाव हुआ है गीतों पर मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विद्यालय के समस्त स्टाफ द्वारा कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर अपना योगदान प्रदान किया गया। विद्यालय की छात्रा आँचल यादव को 1 दिन की प्रधानाध्यापिका बनाया गया और उसे निर्णय लेने को कहा गया तो उसने कहा कि मैं सभी अभिभावकों को प्रेरित करूंगी कि वह अपनी बालिकाओं को अवश्य विद्यालय भेजें और उन्हें खूब पढ़ाएं एवम बच्चों में बिल्कुल भेदभाव ना करें। विद्यालय में इस प्रकार की पहल द्वारा अभिभावकों को बताया गया कि कैसे वह अपनी बच्ची को यदि पढ़ाएं तो वह किसी भी उच्च पद तक पहुंच सकती है आवश्यकता है तो बालिकाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की,उनको उचित अवसर देने की।इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होने से महिला बालिका सशक्तिकरण के मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने का मंच प्रदान होता है तथा अभिभावकों की भी विद्यालय के कार्यक्रमों में भागीदारी सुनिश्चित होती है कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया।

 

क्यों मनाया जाता बालिका दिवस

स्कूल की हेड टीचर अर्चना सिंह ने अभिभावकों को बताया वर्ष 2008 से हर वर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य बालिकाओं को समान अधिकार, उनको सहयोग देना और सुविधाओं को मुहैया कराने के साथ लड़कों और लड़कियों में भेदभाव के प्रति लोगों को जागरुक करना भी है।

 

हर क्षेत्र में आगे है लड़किया
नोडल अधिकारी पारूल शुक्ला ने बताया कि आज कल बालिकाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। चाहे वह राजनीति, खेल, विज्ञान आदि कुछ भी हो। ऐसे में समाज को बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरुक करना और उनकी शिक्षा के प्रति ध्यान देना अनिवार्य है। कन्या भ्रूण हत्या भी एक ऐसी समस्या है। जिसके कारण बालिकाओं के अनुपात में काफी कमी आई है। 24 जनवरी को बालिका दिवस पर समाज में शिक्षा, समान स्थिति इत्यादि को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होते है।और 24 से 30 जनवरी तक महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय बालिका सप्ताह का भी आयोजन किया जाता है।

मामुन अंसारी जिला ब्यूरो बाराबंकी(एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)9044641489

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