सात दिवसीय भागवतकथा ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन भी हुआ

मोहम्मद वसीम कुरेशी संवाददाता मसौली बाराबंकी।7874257456

मसौली बाराबंकी। कस्बा मसौली स्थित खरैला कुआँ पर चल रही सात दिवसीय भागवतकथा ज्ञान यज्ञ के पांचवे दिन बालव्यास सरोजनी शास्त्री ने हनुमान पुत्र मकरध्वज की कथा सुनाकर भक्तो को भक्त में विभोर कर दिया। बाल व्यास सरोजनी शास्त्री कथा सुनाते हुए कहा कि मकरध्वज भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान के पुत्र थे। यद्यपि हनुमान ब्रह्मचारी थे, फिर भी वे एक पुत्र के पिता बने थे। पौराणिक कथा के अनुसार जब लंका में माता सीता की खोज में गए हनुमान को मेघनाद ने बंदी बना लिया, तब उन्हें रावण के समक्ष लाया गया। रावण के आदेश से हनुमान जी की पूँछ में आग लगा दी गयी। इसी जलती हुई पूँछ से हनुमान ने सम्पूर्ण लंका नगरी को जला डाला। तीव्र गर्मी से व्याकुल तथा पूँछ की आग को शांत करने हेतु हनुमान समुद्र में कूद पड़े, तभी उनके पसीने की एक बूँद जल में टपकी जिसे एक मछली ने पी लिया, जिससे वह गर्भवती हो गई। इसी मछली से मकरध्वज उत्पन्न हुआ, जो हनुमान के समान ही महान् पराक्रमी और तेजस्वी था। इस मौके पर अरुणेश रावत, विजय गुप्ता, अशोक मौर्या, लवकुश मौर्य, रवि अवस्थी, सुदीप कनॉजिया, डॉ0 रोहित वर्मा, अनिल, मंगल विश्वकर्मा, प्रेमनन्द वर्मा सहित तमाम भक्त मौजूद रहे।

मोहम्मद वसीम कुरेशी संवाददाता मसौली बाराबंकी।7874257456

 

 

 

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