जंगबंदी के एलान के बाद ग़ज़्ज़ा में फ़तह का जश्न, इस्राईल में भारी सन्नाटा…हमास की उपलब्धियां गिनने लगे इस्राईली, नेतनयाहू भीषण अंदरूनी हमलों के निशाने पर

समाचार एजेंसी न्यूज़ एसएम न्यूज़ के साथ 9889789714

इस्राईल और फ़िलिस्तीनियों के बीच युद्ध विराम लागू हो चुका है जिसके बाद ग़ज़्ज़ा में तो विजय का जश्न मनाया जा रहा है लेकिन इस्राईल में बोझिल सन्नाटा छाया हुआ है।

इस्राईली मीडिया इस समय हमास और अन्य फ़िलिस्तीनी संगठनों को मिलने वाली कामयाबियां गिनने में लगा हुआ है। 11 दिन की लड़ाई में इस्राईली सेना को जो पश्चिमी एशिया में ख़ुद को सबसे ताक़तवर सेना कहा करती थी एक भी कामयाबी नहीं मिल पायी। हमास को जो कामयाबियां मिली हैं उनका गिन पाना मुश्किल हो रहा है।इस्राईल टुडे अख़बार में वरिष्ठ सामरिक टीकाकार युआफ़ लिमूर ने अपने लेख में लिखा कि हमास के पास अब राजनैतिक पटल पर भी बड़ी कामयाबी है वह इस समय फ़िलिस्तीनियों के बीच सबसे लोकप्रिय आंदोलन है। हमास ने फ़िलिस्तीन मुद्दे को इस्राईल के सामने सबसे बड़े मुद्दे के रूप में ला खड़ा किया है। इस्राईल यह संदेश देने की कोशिश कर रहा था कि वह फ़िलिस्तीन मुद्दे को हाशिए पर डालकर आगे बढ़ने में सक्षम हो गया है मगर अब सब कुछ उलट गया है।

इसके अलावा हमास को बड़ी कामयाबी यह मिली कि उसने इस्राईल के हर शहर को आग और धुएं में झोंक दिया। अब सोचना पड़ेगा कि दक्षिणी इस्राईली इलाक़ों का भविष्य क्या होगा।मशहूर इस्राईली जनरल आमूस गिलआद ने यदीऊत अहारोनो अख़बार में अपने लेख में लिखा कि हमास अपना सपना पूरा करने के लिए हर पहलू से मेहनत जारी रखेगा। अब यह सोच ग़लत साबित हो चुकी है कि हमास को कंट्रोल किया जा सकता है। हमास ने सारी दुनिया का ध्यान फ़िलिस्तीन मुद्दे की ओर खींच लिया और अरब देशों के साथ समझौते करने का जो लक्ष्य रखा गया था वह फिर बेहद कठिन बन गया है। क्योंकि अब इस्राईल से समझौता करने से पहले कोई भी अरब सरकार बार बार सोचेगी कि कहीं जनता उसके ख़िलाफ़ आक्रोश में न आ जाए।

यदीऊत अख़बार के सामरिक मामलों के संवाददाता यूसा यहूशा ने कहा कि हमास की सबसे बड़ी कामयाबी यह रही कि उसने इस्राईल के भीतर रहने वाले अरबों, इसी तरह वेस्ट बैंक और लेबनान में बसे फ़िलिस्तीनियों को अपने समर्थन पर तैयार कर लिया। संवाददाता का कहना है कि इस्राईली सेना, इंटेलीजेन्स और सारी संस्थाएं भरपूर कोशिश के बावजूद हमास के महत्वपूर्ण कमांडरों मुहम्मद ज़ैफ़, यहया सिनवार और मरवान ईसा तक नहीं पहुंच पाईं

हमास की बड़ी सफलता यह है कि इस्राईल के सामने अब कई मोर्चे खुल गए हैं। लेबनान की सीमा पर तनाव है, वेस्ट बैंक में प्रतिरोध शुरू हो गया है और इस्राईल के भीतर भी अरबों का आंदोलन जारी है। हिज़्बुल्लाह को अपने क़रीब कर लेना हमास की बहुत बड़ी सफलता है।सामरिक मामलों के विशेषज्ञ आमोस हरईल ने हाआरेट्ज़ अख़बार में अपने लेख में लिखा कि अभी हमें यह देखना है कि संघर्ष विराम के लिए अमरीका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने नेतनयाहू पर जो दबाव डाला उसका नेतनयाहू ने क्या जवाब दिया लेकिन इस बीच हमास ने अपनी ताक़त दिखा दी है कि वह इस्राईल को थका मारने में पूरी तरह सक्षम है।

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