गांधीवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने रखा एक दिवसीय उपवास

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

बाराबंकी। बुधवार को किसानों के कालादिवस के समर्थन में गांधीवादी चिंतक राजनाथ शर्मा ने एक दिवसीय उपवास रखा। गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश महासंघ बनाओ सम्मेलन के संयोजक तथा गांधी आश्रम शताब्दी समारोह के संयोजक राजनाथ शर्मा ने मोदी सरकार की हठबाधिता एवं अलोकतांत्रिक सरकारी नीतियों के कारण और सरकार के तानाशाही रवैया से किसानों द्वारा 6 माह से किसान आंदोलन निरंतर जारी है। आज 26 तारीख मोदी सरकार के 2 वर्ष पूरे हो रहे हैं और आज ही लोकतंत्र की इस आजादी की सबसे बड़ी लड़ाई जो किसानों द्वारा लड़ी जा रही है सरकार द्वारा संवादहीनता के कारण और गैर जिम्मेदाराना रवैया से यह आन्दोलन छः महीने आज पूरे हो रहे हैं और किसान सड़को पर है। राजनाथ शर्मा पिछले 6 महीने से निरंतर किसान आंदोलन के समर्थन तथा इस सरकार के विफल सवालों पर निरंतर सांकेतिक उपवास कर अपना विरोध प्रकट करते रहे हैं आज जब कृषि संबंधी 3 बिलों की वापसी को लेकर दिल्ली की सीमा पर भारत के करीब-करीब हर क्षेत्र के किसान लंबे 6 महीने से गंभीर सर्दी जाड़ा बरसात धूप और हवा से मैदान में पड़े हुए हैं लेकिन वर्तमान शासकों के निर्दयता पूर्ण रवैये के कारण किसानों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति पैदा हुई वर्तमान में यह विचारनीय विषय है कि दिल्ली में बैठी हुई वर्तमान और पूर्व की सरकारें उत्पादन पर लगे खर्च और खरीददार के बीच किसान घाटे की खेती कर रहा है। सरकारों को स्व. डा. राम मनोहर लोहिया की दाम बांधो नीति पर विचार करना चाहिये था। आज देश में किसानों के उत्पादक पदार्थों का उचित मूल्य न मिलने के कारण किसानों को आत्महत्या कर रहे हैं और बेवसी बेकारी, बेरोजगारी और भुखमरी के शिकार होकर गांवो से शहर की तरफ पलायन कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति घोर निन्दनीय स्थिति है लोकतंत्र मंे सरकार और जनता के बीच संवादहीनता का कोई स्थान नही है। इसलिये शर्मा ने सरकार से मांग की है कि वह तुंरत किसान नेताओं से बात कर स्थिति को सुधारने एवं उनकी मांगो को पूरा करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाये।

नेवाज अंसारी संवाददाता एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स)7268941211

 

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