धार्मिक स्थल पर बुलडोज़र चलाने के मामले में नरेन्द्र वर्मा एडवोकेट की हाइ कोर्ट में दाखिल पीआईएल से हुई फजीहत और आवाम के आक्रोश को देखते हुए शासन ने उपजिलाधिकारी आईएएस दिव्यांशु पटेल को हटाया: नरेन्द्र वर्मा

अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

बाराबंकी। धार्मिक स्थल गिराने का आदेश पारित करने वाले एसडीएम रामसनेहीघाट दिव्यांशु पटेल को शासन ने हटा दिया है, पूरे देश में उपजिलाधिकारी द्वारा किये गये कार्य से जनता में काफी रोष फैल गया था तथा जनपद बाराबंकी के अधिवक्ता नरेन्द्र कुमार वर्मा पूर्व महामंत्री जिला बार एसोसिएशन बाराबंकी ने माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद खण्डपीठ लखनऊ में पी0आई0एल0 दाखिल करने के बाद देश में जिला प्रशासन की काफी फजीहत हो रही थी इसलिए उनका स्थानान्तरण कर दिया गया है।

मालूम हो कि उपजिलाधिकारी रामसनेहीघाट द्वारा विगत दिनों अंग्रेजों के जमाने से कायम मस्जिद को लाकडाउन का घोर उल्लंघन करते हुए रातो-रात गिरा दिया, जिसके बाद प्रदेश के साथ देश की जनता में काफी रोष है। प्रशासन ने न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। हिन्दुस्तान की जनता को सबसे ज्यादा अपने न्यायालय पर ही विश्वास है। प्रशासन के इस कार्य से कई तरह के सवाल खड़े हो गये हैं। आखिर जिला प्रशासन जनता में क्या संदेश देना चाहता है। पूरे जनपद पूरे जनपद में धारा 144 लागू थी तो हजारों की संख्या में पुलिस बल व अधिकारियों को इकट्ठा करके दो गज की दूरी का भी उल्लंघन किया गया है। एक तरफ माननीय हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया था कि 31 मई 2021 तक कोई भी वैध व अवैध निर्माण को न गिराया, न ध्वस्त किया जाये फिर जिला प्रशासन ने किसके इशारे पर इतने बड़ी कार्यवाही रातों-रात कर दी। विदित हो कि प्रशासन ने अपनी गलती को छिपाने के लिए घटना स्थल का जायजा लेने जाने वाले लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करवाकर उनको जेल भेजवा रही है। वहीं दूसरी तरफ मस्जिद वक्फ बोर्ड में रजिस्टर्ड थी काफी पहले से अब मस्जिद की कमेटी पर एफ0आई0आर0 दर्ज करवा अपनी गलती को दबाने के लिए निर्दोष लोगों पर फर्जी मुकदमें दर्ज करवाये जा रहे हैं, इस तरह की कार्यवाही से जनता में प्रशासन के खिलाफ काफी विरोध है। गरीब नवाज मस्जिद में कई वर्षों से बिजली कनेक्शन भी था और उसके समस्त कागजात है। उपरोक्त पूरे मामले की जांच जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जजों द्वारा अविलम्ब कराई जाये जिसके लिए पीआईएल दाखिल की गई है।

विदित हो कि उपजिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने जब से रामसनेहीघाट मस्जिद को रातों-रात गिराया है तब से शासन के साथ-साथ देश में काफी चर्चा हासिल कर ली थी इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उनको हटा दिया। उत्तर प्रदेश सरकार को सर्वहित में काम करना चाहिए इस तरह की घटना करने वाले अधिकारियों का तत्काल तबादला करना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारा ‘‘सबका साथ-सबका विकास’’ की हवा उपजिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने निकाल दी। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री व भारत रत्न स्व0 अटल बिहारी बाजपेई के सांसद में दिये गये भाषण में कहा था कि राजधर्म का पालन करते हुए राजा को प्रजा-प्रजा में भेद नहीं करना चाहिए को भी उपजिलाधिकारी भूल गये थें। ऐसे अधिकारियों को आगाह करना चाहता हूँ कि प्रदेश की जनता आपके कार्यों को भूलेगी नहीं आने वाले समय में माकूल जवाब देगी। इसलिए देश प्रदेश में कानून राज होना चाहिए, सस्ता कपड़ा डीजल पेट्रोल गैस खाद्यान होना चाहिए। इसी तरह अगर अधिकारी कार्य करते रहे तो अगले चुनाव में सरकार का सफाया इसी तरह के अधिकारी करेंगे।

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है कल एक बच्ची इलाज न मिलने की वजह से मर गई, उसके बाद प्रशासन दबाव बनाकर गलत बयानी की जा रही है और कहा जा रहा है कि बच्ची की मृत्यु पहले हो चुकी थी। सिरौली गौसपुर प्रार्थमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर डॉक्टरों की लापरवाही की जांचकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही होनी चाहिये ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके। वहीं ग्राम नसीरपुर सफदरगंज बाराबंकी की दलित नाबालिग लड़की बलात्कार करके को दोनों आंखें फोड़ दी गई और लाश तालाब में फेंक दी गई। घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए नरेंद्र वर्मा ने कहा कि ऐसे अपराधी व उसमें समिलित अन्य अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाये।अब्दुल मुईद सिटी-अपराध ब्यूरो। (एस0एम0 न्यूज 24 टाइम्स) 9936900677

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