चौथे दिन भी नहीं मिला तेंदुआ, दहशत कायम

फतेहपुर चौरासी। तेंदुए की तलाश में वन विभाग की टीमें चौथे दिन भी कांबिंग में पसीना बहाती रहीं। टीमें अब तेंदुआ के यहां न होने की बात कह रही हैं। तेंदुआ न पकड़े न जाने से पूरे क्षेत्र के लोगों में दहशत है। वहीं तेंदुए के हमले से घायल बच्चे का कानपुर में अभी भी इलाज चल रहा है।
मंगलवार को सकरौली ग्राम पंचायत के मजरा बंगला के जंगल में एक तेंदुआ देखा गया था। तेंदुए के हमले से एक बच्चे सहित छह लोग घायल हो गए थे। मंगलवार को तेंदुए के हमले से घायल दस साल के बच्चे ब्रजेश की हालत में अभी ज्यादा सुधार नहीं है। तेंदुए की तलाश कर रही टीमें चौथे दिन शुक्रवार को पूरे दिन मशक्कत के बाद भी खाली हाथ रहीं। वहीं दूसरी ओर तेंदुए के पकड़ में न आने से बांगरमऊ, सफीपुर तहसील क्षेत्र के गंगा कटरी से सटे गांवों के लोग दहशत में हैं। वन विभाग और पुलिस की टीमें ग्रामीणों को आवश्यक होने पर समूह में खेतों में जाने की सलाह दे रही हैं। हिदायत दी जा रही है कि रात को घरों के बाहर न सोएं। पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बाड़े के अंदर ही बांधें। अगर तेंदुआ दिखे तो उस पर हमला न करें, क्योंकि वह सिर्फ आत्मरक्षा के लिए ही लोगों पर हमला करता है।

क्षेत्रीय वन अधिकारी सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि फतेहपुर चौरासी व बांगरमऊ क्षेत्र में गंगा नदी के किनारे तक कई चक्र कांबिंग की जा चुकी है। लेकिन तेंदुआ का कोई सुराग नहीं लगा है। बताया कि अनुमान है कि तेंदुआ इस क्षेत्र से दूर जा चुका है। फिर भी टीमें लगातार नजर रख रही हैं।

 

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