अम्बेडकरनगर राइस मिलर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को पत्र देकर खरीफ क्रय वर्ष 2021-22 में धान क्रय नीति में सीएमआर के रिकवरी प्रतिशत घटाने एवं मिलिंग चार्ज बढ़ाने की मांग की है। राइस मिलर ने कहा है कि बढ़ती महंगाई के बीच राइस मिलर लगातार पुराने दर पर ही धान की कुटाई कर रहे हैं।
जिलाधिकारी को पत्र देकर राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रहरि ने कहा है कि वर्तमान समय में प्रदेश के लगभग हर क्षेत्र में हाइब्रिड धान की रोपाई की जा रही है। जब कि उसमें चावल का प्रतिशत काफी कम है और ब्रोकन भी ज्यादा रहता है। ऐसे में इसका नुकसान राइस मिल लो को उठाना पड़ रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से राइस मिल की मांगों को लगातार दरकिनार किया जा रहा है। राइस मिलर को विगत 20 वर्षों से 10 रुपए प्रति कुंतल की दर से कुटाई मिल रही है तथा दो वर्षों से मिलर को कुटाई में 20 रुपए प्रति कुंतल की प्रोत्साहन राशि प्रदान दी जा रही है। मिलर्स को 10 रुपए प्रति कुंतल कुटाई के एवज में मिल पर आने वाले धान की उतरवाई, उठाई, स्टैंसिल धागा एवं चावल की लोडिंग कराने तक का कार्य करना पड़ता है, जबकि वास्तव में इन सभी कार्यों में 250 रुपए प्रति कुंतल का खर्च आता है। राइस मिलर एसोसिएशन ने सरकार से पत्र के माध्यम से अपनी मांगों को उठाते हुए इसे पूरा करने की मांग की है। राइस मिलर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी से सीएमआर में चावल की रिकवरी 58 से 60 प्रतिशत तक करने एवं धान की कुटाई 250 रुपए प्रोत्साहन राशि तथा पुराने भुगतान को ब्याज के साथ भुगतान कराने की मांग की है।
पत्रकार आशीष सोनी अंबेडकरनगर
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