फर्जी बिल बाउचर लगाकर सरकारी धन हड़प रहे हैं शिक्षक!

मसौली संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा की रिपोर्ट मोबाइल नंबर 8707331705

सरकार की मंशा के विरूद्ध कार्य कर रहे हैं कई अध्यापक!

बाराबंकी। प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा संचालित योजनाओ को सरकारी कर्मचारी और अधिकारी किस तरह से भ्रष्टाचार करते हैं, तो आइए हम आपको जनपद की शिक्षा व टेªनिंग व्यवस्था में कैसे जमकर भ्रष्टाचार हुआ है और सरकारी धन का बंदरबाट करके सरकार की योजना को धरातल पर लागू करने के बजाए आफिस में बैठकर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया गया है। अपनी जेबे भरकर सरकारी धन को हड़प कर लिया गया है, विगत दस वर्ष से बरगद की जड़ांे़ की भाति काबिज अधिकारी सरकार के बदनाम करने मंे गुरेज नहीं कर रहे हैं और बच्चांे के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एस0आई0टी0 या जांच एजेंसी द्वारा सत्यापन करा लिया जाये तो कई लोग सलाखों के पीछे नजर आयेंगे

प्राप्त जानकारी के अनुसार कमीशन खोरी का वर्चस्व इतना है कि बिना कमीशन दिये आपका कोई काम नहीं होगा, ऊपर से नीचे तक कमीशन का ही वर्चस्व है जिस कारण सरकार की उपब्धियों और योजनाएं आम जनमानस तक नहीं पहुंच पा रही है जो पहुंचती भी तो उसमें आधा पैसा जिम्मेदारी अधिकारी व कर्मचारी हजम कर लेते हैं, बिना कमीशन दिये आप दर-दर भटकते रह जायेंगे, चप्पल घिस जायेगी लेकिन छुट्टी नहीं मिलेगी। भ्रष्टाचार की जड़े विभाग मंे बरगद की भांति सिस्टम को जकड़ रखा है। ब्लाक संसाधन केन्द्र मसौली पर एक दिवसीय प्रशिक्षण रेडीनस टेªनिंग का आयोजन कराया गया, टेªनिंग के नाम पर खानापूर्ति की गई, बकायदा प्रशिक्षण हेतु सरकार द्वारा पन्द्रह हजार रूपये की धनराशि आई थी जिसमें सुबह चाय, दोपहर में लंच पैकेट, चाय नाश्ता लेकिन इसकी खानापूर्ति की गयी, केवल एक चाय एक समोसा से काम चला लिया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन संजय कुमार श्रीवास्तव स0अ0 करपिया के द्वारा कराया गया। विगत 10 वर्षों से खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जमे हुए हैं इनसे बच्चों की पढ़ाई लिखाई से कोई वास्ता नहीं है, यह बी0आर0सी0 के समस्त कार्य बड़ी निपुणता से करते हैं। जबकि विभागीय आदेशानुसार एक लेखाकार, 2 कम्प्यूटर आपरेट एवं तीन परिचारक की नियुक्ति हुई है। हरिशचन्द्र परिचायक, जितेन्द्र कुमार परिचारक, पावेल राज परिचारक, संदीप पटेल लेखाकार, सुनील कुमार कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर नियुक्त है। इसमें से पावेल दास परिचारक द्वारा शिक्षकों के वेतन बिल, बाल्यकाल देखभाल, चिकित्सीय अवकाश, प्रसव अवकाश, सेवानिवृत्त इत्यादि कार्य किया जा रहा है, इनके द्वारा प्रसव अवकाश पर सुविधा शुल्क 5000 रूपये व चिकित्सा अवकाश के नाम पर 9000 रूपया तथा बाल्य पाल अवकाश पर 6000 रूपये सेवानिवृत्त शिक्षकों की पत्रावलियां निस्तारण हेतु 15000 रूपये लिये जाते हैं अगर नहीं दिया तो आफिस के चक्कर लगाते रहो, इनके द्वारा बाल्य, पाल्य अवकाश जो शिक्षिकाये ऑनलाइन अप्लाई करती हैं बिना खण्ड शिक्षा अधकारी को बताय निरस्त कर दी जाती है या इनको पैसा दो तो स्वीकृती मिल जाती है। संजय श्रीवास्तव द्वारा बी0आर0सी0 सम्बंधित खाता का पैसा टेªनिंग का पैसा और विभागीय कार्यों का सम्पादन किया जाता है इनके द्वारा दिनांक 2018-2019, 2019-2020 व 2020-2021 सालों में जो बी0आर0सी0 के खाते में पैसा आया है, उसकी अधिक भत्ता में दुरूप्रयोग किया गया है इसकी जांच की जाये तो इधर का उधर कर पानी की तरह पैसा निकालकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। इनके द्वारा विगत 10 वर्षो से शिक्षकांे का शोषण किया जा रहा है। यह अपने मूल विद्यालय कभी नहीं जाते हैं पढ़ाने हेतु, जिससे बच्चांे का भविष्य बरबाद हो रहा है किन्तु इनका व इनके परिवार की आर्थिक स्थ्तिि मजबूत होती जा रही है। शासन द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाये तो आय से अधिक सम्पत्ति के मालिक निकलेंगे। ऐसे ही अधिकारी सरकार की छवि धूमिल करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं।

मसौली संवाददाता अवधेश वर्मा शांती वर्मा की रिपोर्ट मोबाइल नंबर 8707331705

Don`t copy text!