विशेष योजना भी नही बदल पा रही परिषदीय स्कूलों की काया
अब्दुल जब्बार एड्वोकेट व् विकास वीर यादव की रिपोर्ट
भेलसर(अयोध्या)परिषदीय विद्यालयों के कायकल्प के लिए चलाई जा रही कायाकल्प योजना अपने मकसद से भटक कर रह गई है।कहने को तो ये योजना कागजों पर खूब दौड़ रही है लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है।कहना गलत न होगा कि बदहाल विद्यालयों की मरम्मत सिर्फ दावों में हो रहा है।योजना के प्रति अफसर पूरी तरह से लापरवाही ही बरत रहे हैं।
बता दे कि मवई ब्लाक क्षेत्र में कुल 55 ग्राम पंचायतों के 162 परिषदीय विद्यालय संचालित है।इन स्कूलों की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए शासन द्वारा ऑपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की गई थी।इस योजना का हाल जानने जब प्राथमिक विद्यालय घोसवल जाया गया तो वहाँ बाउंड्रीवाल नही है।इसी तरह सुल्तानपुर विद्यालय में आधा अधूरा कार्य हुआ है।
शिक्षा विभाग से मिले आंकड़ो पर गौर करे तो मखदूमपुर न्यायपंचायत अंतर्गत आने वाले आठों ग्राम पंचायतों में स्थित कुल 23 परिषदीय स्कूलों में मखदूमपुर,नगरा व पूरेकामगर को छोड़ कहीं भी कायाकल्प योजना जमीन पर दिखाई नही दे रही है।कहीं भवन जर्जर है तो कही शौचालय खराब तो कई जगह ब्लैकबोर्ड भी नही,मखदूमपुर छोड़ कही नही लग पाई टाइल्स।हा कही कही कार्य जरूर शुरू कराया गया।इनमें परिषदीय स्कूल बाबापुरवा,नवीपुर,कोदनिया,जैनाबाद,शाहबाज़ चक,मैरामऊ,गोंडियन पुरवा,पटरंगा गांव की हालत बेहद खराब है।आधिकतम स्कूलों में इनमें से गत वित्तीय वर्ष में आधा अधूरा कार्य कराया गया था।इस संबंध में एडीओ पंचायत मवई विकास चंद्र दूबे ने बताया मवई ब्लॉक के लगभग प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक एक विद्यालय को कायाकल्पित करने के लिए कार्य कराया गया।लेकिन अभी कोई भी स्कूल संतृप्त नही हो पाया है।शासन की ओर से कुछ नए निर्देश आए है जिसके अनुरूप इस बार कार्य कराकर संतृप्त कराया जाएगा।वहीं बीईओ मवई अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि मवई ब्लॉक के सभी विद्यालयों में कार्य होना अभी बाकी है।कुछ जगहों पर थोड़ा कार्य हुआ है।बाउंड्रीवाल,शौचालय समेत कई आधार भूत सुविधाएं कायाकल्प के इंतजार में हैं।

